डबल मर्डर के बाद चली ‘ट्रांसफर की आंधी’: रातों-रात बदले कई IAS-IPS

राघवेन्द्र मिश्रा
राघवेन्द्र मिश्रा

उत्तर प्रदेश की सत्ता इन दिनों फाइलों से नहीं, फैसलों से बोल रही है। रात गहरी होती है और लखनऊ से आदेश निकलते हैं—किसी अफसर का तबादला, किसी जिले की पुलिस कमान बदली, तो कहीं प्रशासनिक ढांचे की पूरी तस्वीर ही बदल जाती है। शुक्रवार की रात भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब सरकार ने एक साथ कई बड़े अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए। वजह सिर्फ रूटीन नहीं थी, बल्कि हाल की एक सनसनीखेज वारदात ने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी थी।

योगी सरकार का सख्त संदेश

उत्तर प्रदेश की सरकार का नेतृत्व कर रहे Yogi Adityanath ने शुक्रवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। पहले सात IAS और चार PCS अधिकारियों के विभाग बदले गए और इसके बाद पुलिस विभाग में भी बड़ा बदलाव किया गया।

Uttar Pradesh Police मुख्यालय की ओर से जारी सूची में सात IPS अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले गए, जिनमें चार जिलों के एसपी भी शामिल हैं।

सरकारी गलियारों में इसे साफ संदेश के तौर पर देखा जा रहा है—कानून व्यवस्था में ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं।

बदायूं डबल मर्डर बना बड़ी वजह

सबसे ज्यादा चर्चा Badaun में हुए बदलाव की है। यहां के SSP बृजेश कुमार सिंह को पद से हटाकर एसपी लॉजिस्टिक्स बना दिया गया।दरअसल हाल ही में HPCL के CBG प्लांट के डीजीएम सुधीर गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया था।

मुख्य आरोपी अजेय प्रताप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में जब उसे हथियार बरामद कराने ले जाया गया तो उसने पुलिस पर ही फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के पैरों में गोली मार दी।

इस घटना में एक कांस्टेबल भी घायल हुआ।

नए एसएसपी और एसपी की तैनाती

सरकार ने इसके बाद कई जिलों में पुलिस नेतृत्व बदल दिया। अंकिता शर्मा को बदायूं का नया एसएसपी बनाया गया। अभिमन्यु मांगलिक को फतेहपुर का एसपी नियुक्त किया गया। ओम प्रकाश सिंह को कासगंज का एसपी बनाया गया। अभिनव त्यागी को भदोही का एसपी नियुक्त किया गया। पटिल निमिष दशरथ को गोरखपुर में एएसपी नगर की जिम्मेदारी दी गई।

इन बदलावों को प्रशासनिक सर्जरी की तरह देखा जा रहा है।

IAS और PCS में भी बड़ा बदलाव

पुलिस विभाग से पहले प्रशासनिक सेवा में भी कई अहम फैसले लिए गए। IAS प्रकाश बिंदु को गृह विभाग का सचिव बनाया गया। डॉ. लोकेश एम को लोक निर्माण विभाग का सचिव नियुक्त किया गया। महेंद्र प्रसाद को पुनर्गठन समन्वय विभाग का विशेष सचिव बनाया गया। नीना शर्मा को प्रमुख सचिव सार्वजनिक उद्यम विभाग की जिम्मेदारी मिली।

PCS अधिकारियों में भी कई जिलों के SDM और ADM स्तर पर बदलाव किए गए।

पूर्व एसपी परेश पाण्डेय का बयान

पूर्व पुलिस अधीक्षक Paresh Pandey का कहना है, “उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में प्रशासनिक जवाबदेही बेहद जरूरी है। जब कोई बड़ी घटना होती है तो सरकार अक्सर संदेश देने के लिए तुरंत बदलाव करती है। इससे सिस्टम में जवाबदेही बढ़ती है।”

उन्होंने यह भी कहा कि लगातार तबादले अधिकारियों को यह याद दिलाते हैं कि कानून व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सत्ता का साफ संकेत

लखनऊ की सत्ता शायद यह दिखाना चाहती है कि अब ‘फाइलों की धीमी चाल’ वाला दौर खत्म हो रहा है। अपराध हो, लापरवाही हो या प्रशासनिक सुस्ती—किसी भी मोर्चे पर ढिलाई अब सीधे कुर्सी तक पहुंच सकती है।

उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना हमेशा चुनौती रहा है। ऐसे में सरकार के ये फैसले आने वाले समय में प्रशासनिक सख्ती की दिशा तय कर सकते हैं।

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