
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की सुरक्षा रणनीति में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. उन्होंने घोषणा की है कि अमेरिका ने अपने ‘Golden Dome’ मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए फाइनल डिज़ाइन चुन लिया है और यह सिस्टम उनके कार्यकाल के अंत तक पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगा।
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क्या है Golden Dome सिस्टम?
‘गोल्डन डोम’ एक एडवांस्ड एयर डिफेंस शील्ड है, जो अमेरिका को:
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बैलिस्टिक मिसाइल
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क्रूज मिसाइल
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हवाई हमलों
से 24×7 सुरक्षा देगा। यह सिस्टम आयरन डोम से प्रेरित है – एक सफल मिसाइल डिफेंस तकनीक जिसका इसराइल 2011 से प्रयोग कर रहा है।
कितना है बजट?
इस प्रोजेक्ट के लिए फिलहाल 25 अरब डॉलर का बजट निर्धारित किया गया है, लेकिन अमेरिकी रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दशकों में खर्च कई गुना बढ़ सकता है।
“Golden Dome केवल एक सुरक्षा कवच नहीं, बल्कि हमारी ताकत और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रतीक होगा,” — डोनाल्ड ट्रंप
मौजूदा सिस्टम क्यों है फेल?
अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मौजूदा डिफेंस सिस्टम अब आधुनिक खतरे जैसे हाई-स्पीड, स्मार्ट और लो-एल्टिट्यूड मिसाइलों से निपटने में सक्षम नहीं हैं।

तकनीकी फीचर्स (संभावित):
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AI-संचालित ट्रैकिंग रडार
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Hypersonic और Subsonic टारगेटिंग
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Real-time Threat Detection
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Autonomous Kill-Vehicle Launch System
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समुद्र, ज़मीन और आसमान – तीनों प्लेटफॉर्म पर काम करने की क्षमता
सवाल भी उठे हैं
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इतनी भारी लागत का वाजिब कारण क्या है?
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क्या यह सिस्टम भविष्य की जंगों में कारगर साबित होगा या केवल एक राजनीतिक स्टंट है?
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