भारतीय टेनिस ने ऑस्ट्रेलियाई धरती पर एक नया milestone जोड़ लिया है। महज 14 साल की उम्र में जेन्सी कानाबार ने वो कर दिखाया, जो अब तक कोई भारतीय लड़की नहीं कर पाई थी— Australian Open Under-14 टाइटल जीतना। फाइनल में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मुसेम्मा किलेक को हराकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। फाइनल की कहानी: पीछे से आगे, हार से इतिहास तक फाइनल मुकाबले की शुरुआत जेन्सी के लिए आसान नहीं रही। वह 3-6, 0-2 से पीछे चल रही थीं और लग रहा था कि…
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Silent Stadium, Golden Run: Jyothi Yarraji की ऐतिहासिक जीत
Gumi का स्टेडियम खामोश था। न तालियां, न शोर, न भीड़। लेकिन जब Jyothi Yarraji ने फिनिश लाइन पार की, तो उस सन्नाटे में भी एक आवाज़ गूंज उठी — भारत की जीत। यह सिर्फ एक gold medal run नहीं था, यह उन लाखों सपनों की दौड़ थी जो संघर्ष में जन्म लेते हैं और उम्मीद पर खत्म होते हैं। Visakhapatnam से Asian Podium तक एक modest household से निकलकर Asia की सबसे ऊंची एथलेटिक सीढ़ी तक पहुंचना आसान नहीं होता।Jyothi Yarraji की journey में— आर्थिक तंगी। सीमित संसाधन और…
Read Moreगोल्डन गर्ल शीतल! दुनिया की नंबर 1 को 146-143 से किया ढेर
भारत की युवा और बेहद प्रेरणादायक पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने अपने शानदार प्रदर्शन से फिर साबित कर दिया कि नामुमकिन कुछ भी नहीं। विश्व पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप 2025 में उन्होंने महिलाओं की कंपाउंड ओपन कैटेगरी के फाइनल में दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी और तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन ओजनूर क्यूर गिर्डी को 146-143 के स्कोर से मात देकर गोल्ड मेडल जीता। शीतल का स्कोर: गोल्ड मेडल + आत्मविश्वास का फुल मार्क्स! यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं थी, यह संघर्ष बनाम सफलता की कहानी थी। गिर्डी वही खिलाड़ी हैं…
Read MoreBritain की पहली सिख महिला प्रो बॉक्सर, जिन्होंने इतिहास रच दिया
इंग्लैंड के हल शहर में एक जिम के बाहर खड़ी एक 13 साल की लड़की को उस वक्त नहीं पता था कि वो एक दिन ब्रिटेन की पहली सिख महिला प्रो बॉक्सर कहलाएगी।वो लड़की थीं चरण कौर ढेसी, जिनकी कहानी हर उस लड़की के लिए मिसाल है जो अपनी पहचान के लिए जूझ रही है। बॉक्सिंग बनी प्लान A और प्लान B – कोई Back-Up नहीं! ढेसी बताती हैं, “लोग पूछते थे – अगर चोट लग गई तो शादी कौन करेगा? क्या तुम किचन में नहीं होनी चाहिए?” उनका जवाब…
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