हर बात पर आँसू, हर किसी पर दोष—शास्त्र भी परेशान, साइकोलॉजी भी!

सोशल मीडिया और घरेलू बहसों में इन दिनों एक सवाल ट्रेंड कर रहा है—हर बात पर रोने और हर हाल में दूसरों को कोसने वाली स्त्री को शास्त्रों और मनोविज्ञान में क्या कहा गया है?यह सवाल सिर्फ व्यंग्य नहीं, बल्कि व्यवहारिक अध्ययन और मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। शास्त्र क्या कहते हैं? (Scriptural Perspective) शास्त्र किसी स्त्री जाति को नहीं, बल्कि वृत्ति (Behavioral Trait) को नाम देते हैं। मनुस्मृति से भावार्थ “असंतोषोऽधर्ममूलं, दोषदर्शी न शान्तिभाक्।” जो व्यक्ति सदैव असंतुष्ट रहता है और दोष ही खोजता है, वह स्वयं कभी…

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