कभी उपमहाद्वीप की किस्मत लिखने वाली East India Company का नाम एक बार फिर खबरों में है इस बार सत्ता नहीं, दिवालियापन की वजह से। 1874 में आधिकारिक रूप से समाप्त हुई कंपनी को 2010 में भारतीय मूल के ब्रिटिश कारोबारी Sanjiv Mehta ने ब्रांड के रूप में पुनर्जीवित किया था। विडंबना देखिए जिस नाम ने कभी भारत से संपदा निकाली, वही नाम अब लंदन में अपने खर्च नहीं संभाल सका। मेफेयर का लग्ज़री सपना, जो टिक न सका लंदन के पॉश इलाके मेफेयर में 97 न्यू बॉन्ड स्ट्रीट पर 2,000…
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