महाशिवरात्रि केवल व्रत और जागरण का पर्व नहीं, यह उस प्रेम की कहानी है जिसने जन्म-जन्मांतर की सीमाएं तोड़ीं। यह कथा है Shiva की जो वैराग्य के प्रतीक हैं, लेकिन प्रेम में उतने ही समर्पित। और यह कहानी दो अध्यायों में पूरी होती है पहले सती, फिर पार्वती। अध्याय 1: शिव और सती – Love Beyond Ego देवी सती, प्रजापति दक्ष की पुत्री थीं। उन्होंने अपने पिता की इच्छा के विरुद्ध शिव को पति चुना। क्योंकि प्रेम status या royal lifestyle नहीं देखता—वह soul connection देखता है। जब दक्ष ने यज्ञ…
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