कभी-कभी सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं करता, सीधे पेट में मुक्का मार देता है। 1980 की फिल्म Albert Pinto Ko Gussa Kyun Aata Hai ऐसी ही सिनेमाई चोट है। यहाँ हीरो बंदूक नहीं उठाता, बस गुस्सा करता है… और उसका गुस्सा इतना असली है कि आज भी स्क्रीन से निकलकर सीधे व्यवस्था की कॉलर पकड़ लेता है। गुस्से का मैकेनिक: कहानी जो आज भी चुभती है फिल्म में Naseeruddin Shah अल्बर्ट पिंटो बने हैं, मुंबई का एक युवा कार मैकेनिक। वह उन मजदूरों से नाराज़ रहता है जो हड़ताल करते हैं। क्योंकि…
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