Aminabad Ground Report: ट्रैफिक नहीं, जन-सुनामी चलती है

अमीनाबाद…लखनऊ का वो इलाका जहां शादी से लेकर जच्चा-बच्चा, कॉपी-किताब से लेकर कढ़ाई-कुर्ता, सब कुछ मिल जाता है।यह बाजार नहीं, एक चलती-फिरती मॉल संस्कृति है—बस फर्क इतना है कि यहां एस्केलेटर नहीं, कोहनी चलती है। ट्रैफिक नहीं, Human Tsunami है यह कहना गलत होगा कि अमीनाबाद में ट्रैफिक की समस्या है। सच तो ये है कि यहां ट्रैफिक होता ही नहीं, क्योंकि सड़कों पर गाड़ियां नहीं—लोगों का सैलाब होता है। सुबह 10 बजे से लेकर रात 10 बजे तक इलाके में रहने वाले लोग अपनी कार बाहर निकालने की सोच…

Read More