चावल छोड़े कैसे, यही तो जीवन की खुशबू है

दुनिया की करीब आधी आबादी चावल को अपने मुख्य भोजन के रूप में रोज़ाना खाती है। फिलीपींस से लेकर भारत, चीन से बांग्लादेश तक — चावल सिर्फ़ पेट भरने का ज़रिया नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और पहचान का हिस्सा है। तापमान, सूखा और बाढ़ जलवायु परिवर्तन के चलते बाढ़, सूखा और असहनीय तापमान जैसे हालात चावल उत्पादन को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। भारत में 2024 में तापमान 53°C तक पहुंच गया बांग्लादेश में बार-बार बाढ़ फसलें तबाह कर रही है खेती में पानी की बर्बादी एक किलो चावल उगाने…

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