जब बाप बना विलेन और बेटा बना इंसाफ: ‘जल्लाद’ ने 90s सिनेमा हिला दिया

90 के दशक की उन फिल्मों में से एक ‘जल्लाद’ सिर्फ एक action-revenge drama नहीं है, बल्कि यह उस दौर की political hypocrisy और moral decay का कड़वा सिनेमाई आईना है।TLV प्रसाद के निर्देशन में बनी यह bilingual फिल्म (Hindi-Bengali) दर्शकों को एक ऐसा सवाल थमा देती है, जिसका जवाब आसान नहीं— अगर गुनहगार खुद आपका पिता हो, तो इंसाफ किसे कहा जाए? Kranti Kumar: Duty पहले, Blood बाद में क्रांति कुमार एक ऐसा police officer है जो किताबों में लिखे आदर्शों से बाहर निकलकर उन्हें जीता है। South India…

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The Bengal Files Review: विवेक अग्निहोत्री की सबसे कड़वी लंबी फाइल

विवेक अग्निहोत्री की ‘The Bengal Files’ उसी फाइल्स यूनिवर्स की तीसरी और आखिरी किस्त है, जिसमें पहले ‘The Tashkent Files’ और फिर ‘The Kashmir Files’ ने धूम मचाई थी। यह फिल्म दो टाइमलाइन में चलती है — पहली, आज के सीबीआई अफसर शिवा (दर्शन कुमार) की जांच दूसरी, 1946-47 के उस डरावने बंगाल की कहानी, जहां धर्म, राजनीति और नरसंहार की त्रासदी खुलकर सामने आती है। और फिर दोनों टाइमलाइन इस तरह जुड़ती हैं कि कभी-कभी लगेगा, “प्याज की परतें खोल रहे हैं या स्क्रिप्ट?” विषय गहरा, मगर लंबाई इतनी…

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