भारत में भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान और राजनीति का हथियार भी रही है. खासकर South India और हिंदी का रिश्ता दशकों से टकराव भरा रहा है.कभी रेलवे स्टेशन पर हिंदी बोलने का दबाव, कभी सरकारी फॉर्म — और अब फिर वही पुरानी बहस सुर्खियों में है. इस बार चिंगारी दी है तमिलनाडु के मुख्यमंत्री MK Stalin के बयान ने. “न तब जगह थी, न अब है, न कभी होगी” चेन्नई में आयोजित ‘भाषा शहीद दिवस’ के मौके पर स्टालिन ने हिंदी विरोधी आंदोलन के शहीदों को…
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Raj Thackeray on Hindi Row: BMC Election में गरमाई सियासत
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने बीएमसी चुनाव के बीच एक बार फिर भाषा और पहचान का मुद्दा उछाल दिया है।रविवार को शिवसेना (UBT) नेता और चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के साथ संयुक्त रैली में राज ठाकरे ने हिंदी को लेकर कड़ा बयान दिया, जिससे सियासी पारा अचानक ऊपर चढ़ गया। Raj Thackeray का तीखा बयान: “Hindi Thopo Mat” राज ठाकरे ने मंच से चेतावनी भरे लहजे में कहा कि हिंदी थोपने की कोशिश न की जाए। उन्होंने कहा, “मुझे भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर कोई…
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