“एक रात, जो तक़दीर बदल सकती है – शब-ए-बरात का असली मतलब”

शब-ए-बरात इस्लामी कैलेंडर के मुताबिक शाबान महीने की 15वीं रात को मनाई जाती है। अरबी में “Shab” का मतलब रात और “Barat” का अर्थ है मुक्ति या निजात। इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, यह वो रात है जबइंसानों की तक़दीर लिखी जाती है। गुनाहों की माफी का दरवाज़ा खुला होता है। अगले साल की जिंदगी, मौत, रोज़ी के फैसले होते हैं। इसीलिए इसे Night of Forgiveness भी कहा जाता है। शब-ए-बरात का धार्मिक महत्व इस रात को अल्लाह की रहमत खास तौर पर नाज़िल होती है। फरिश्ते इंसानों के अमल दर्ज करते…

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