प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने यह जांच CBI द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की है। आरोप है कि 2015 से 2018 के बीच आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के जरिए पब्लिक सेक्टर बैंकों को करीब ₹236 करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया। जांच के केंद्र में हैं अरविंद कुमार, जो उस समय Resolution Professional (RP) की भूमिका में थे।ED का दावा है कि उन्होंने IBC के तहत मिली जिम्मेदारी को भरोसे की बजाय बिज़नेस मॉडल बना लिया। Insolvency या Inside Job? ED की जांच में सामने आया है कि CIRP…
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