“भगवान का रूप या भक्तों की भावना?” प्रेमानंद महाराज विवाद में संतों की एंट्री

एक पोस्टर… और पूरा ब्रज चर्चा में। भक्तों ने गुरु को भगवान बना दिया, और सवाल उठ गया—क्या आस्था की भी सीमा होती है? इसी बीच संतों की एंट्री ने इस विवाद को और गहरा बना दिया है। जब आस्था उफान पर होती है, तो तर्क अक्सर किनारे बैठ जाता है। विवाद: पोस्टर से शुरू हुआ तूफान Premanand Maharaj के भक्तों ने उन्हें बांके बिहारी का स्वरूप मानते हुए पोस्टर बना दिए। यहीं से विवाद की चिंगारी भड़की और मामला सोशल मीडिया से लेकर धार्मिक मंचों तक पहुंच गया। कुछ संगठनों ने…

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