जब दुनिया धर्म के नाम पर बंट रही हो…तभी एक शादी आती है, जो सबको जोड़ देती है। यह कहानी सिर्फ एक लड़की की शादी नहीं—बल्कि इंसानियत की आखिरी उम्मीद जैसी लगती है। जहां हादसा था, वहीं से शुरू हुई उम्मीद Rajgarh की इस कहानी की शुरुआत किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी नहीं, बल्कि एक दर्दनाक हकीकत से होती है। साल 2010 में एक बच्ची—नंदिनी—ने अपने माता-पिता को खो दिया। एक झटके में उसकी दुनिया उजड़ गई। घर था… लेकिन घर जैसा कुछ नहीं बचा था। लेकिन जिंदगी ने यहां एक ऐसा…
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