रूस बोला बंद करो! WhatsApp बोला – Sorry Privacy बिकती नहीं

गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

रूस और WhatsApp के बीच अब मामला गरम है। रूस ने सीधा ऐलान कर दिया है कि व्हाट्सऐप और टेलीग्राम की वॉयस कॉल्स को रोका जाएगा। वजह? रूस का कहना है कि इनका इस्तेमाल धोखाधड़ी, वसूली और युवाओं को हिंसक गतिविधियों में फंसाने के लिए किया जा रहा है।

अब इसे सेंसरशिप कहें या ‘डिजिटल जंग’, लेकिन Meta (WhatsApp की मम्मी कंपनी) ने जवाब दिया है –

“हम यूज़र्स को एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ सुरक्षित संचार मुहैया कराते रहेंगे।”

“जंग की बात मत करो, वरना नेटवर्क चला जाएगा!”

यूक्रेन पर हमले के बाद रूस में मीडिया, सोशल मीडिया और अब कॉल्स तक पर कड़ा नियंत्रण लागू किया गया है। ऐसे में व्हाट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स “last hope of freedom of expression” बन गए हैं।

व्हाट्सऐप: Chat Safe है, पर कॉल पे Ban!

रूस की नज़र में वॉयस कॉल्स खतरनाक हो गई हैं। ये वही व्हाट्सऐप है जो बार-बार कहता है कि उसका Encryption इतना टाइट है कि खुद कंपनी भी आपकी बात नहीं सुन सकती। लेकिन रूस को यही बात खटक रही है – “अगर सरकार नहीं सुन सकती, तो कौन सुन रहा है?”

सत्ता का युद्ध

यह मुद्दा सिर्फ WhatsApp बनाम रूस नहीं है, ये है Digital Privacy बनाम Surveillance Politics की लड़ाई। आज कॉल्स बैन हैं, कल शायद चैट पर भी सेंसरशिप लग जाए।

“अगर आप टाइप भी करेंगे ‘जंग’, तो autocorrect उसे ‘शांति’ बना देगा!”

रूस की ये कार्रवाई दिखाती है कि जब सरकारें डरती हैं, तो सबसे पहले वो आज़ाद आवाज़ों को बंद करती हैं – चाहे वो माइक हो या मोबाइल कॉल।

“कपिल का कैफे नहीं, केस हिट हो गया!” FBI की एंट्री, गैंगस्टर की गिरफ्तारी

Related posts

Leave a Comment