
पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को और ज्यादा धारदार बना दिया है। “Zero Tolerance” अब सिर्फ बयान नहीं, बल्कि डॉक्यूमेंटेड पॉलिसी बन चुका है। 23 फरवरी 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 8 पन्नों की एंटी-टेरर पॉलिसी लॉन्च की, जिसका नाम रखा गया है PRAHAAR। नाम में ही संदेश छिपा है — चेतावनी भी, रणनीति भी।
PRAHAAR का मकसद क्या है?
इस पॉलिसी का core objective है terror plots को होने से पहले detect करना, disrupt करना और neutralize करना।
फोकस सिर्फ बम और बंदूक तक सीमित नहीं है। साइबर अटैक, ड्रोन का दुरुपयोग, डार्क वेब नेटवर्क, क्रिप्टो फंडिंग, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन, CBRN threats तक को framework में शामिल किया गया है।
सरल शब्दों में कहें तो अब आतंकवाद के analog और digital दोनों चेहरों पर निगरानी होगी।
कौन-कौन होंगे ‘प्रहार’ के पार्टनर?
यह पॉलिसी multi-agency integration पर आधारित है। पुलिस, सेना, NSG, NIA, RAW, IB के साथ डॉक्टर, वकील, साइकोलॉजिस्ट और civil society तक को जोड़ने की बात कही गई है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर intelligence sharing बढ़ाने और agency-to-agency coordination मजबूत करने पर जोर रहेगा। क्योंकि खतरा सीमाओं से नहीं रुकता, इसलिए जवाब भी सीमित नहीं रहेगा।
PRAHAAR का पूरा अर्थ समझिए
P – Prevention
आतंकी हमले होने से पहले रोकथाम।
Intelligence gathering, youth de-radicalisation, terror funding रोकना, drone और cyber threats को neutralize करना।
R – Response
अगर हमला हो जाए तो instant action।
Police, NSG, NIA और Army का coordinated response।
A – Aggregating
सभी security agencies को एक unified SOP पर लाना।
State ATS और STF को मजबूत करना।

H – Human Rights & Law
कार्रवाई कानून के दायरे में।
आतंक को किसी धर्म या समुदाय से नहीं जोड़ना।
A – Attenuating
कट्टरपंथ और terror-friendly ecosystems को खत्म करना।
A – Aligning
Global coordination।
FATF सहयोग, intelligence exchange, extradition support।
R – Recovery & Resilience
हमले के बाद तेज रिकवरी, समाज की भागीदारी से पुनर्वास और system resilience बढ़ाना।
रणनीति का सैटायरिक सच
पहले आतंकवाद को “घटना” माना जाता था, अब उसे “सिस्टमेटिक थ्रेट” माना जा रहा है। PRAHAAR सिर्फ action plan नहीं, बल्कि mindset shift है। संदेश साफ है Attack होगा तो जवाब मिलेगा, Funding होगी तो ट्रैकिंग होगी, Network होगा तो dismantling होगी।
भारत की पहली comprehensive Anti-Terror Policy ‘PRAHAAR’ सुरक्षा ढांचे को preventive, responsive और globally aligned बनाने की कोशिश है। अब सवाल यह नहीं कि हमला कब होगा। सवाल यह है कि system कितनी तेजी से उसे रोक पाएगा।
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