मोदी जी की विदेश यात्राएं 2025? अब तक ₹67 करोड़ उड़ चुके हैं

शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राएं एक बार फिर सुर्खियों में हैं। संसद में जब तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने सवाल किया, तो विदेश मंत्रालय ने बड़े ही शालीन अंदाज़ में जवाब दिया—2025 में अब तक की पांच विदेश यात्राओं पर भारत सरकार ने 67 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।

कौन-कौन से देश घूमे गए?

मंत्रालय के अनुसार, 2025 में PM मोदी ने फ़्रांस, अमेरिका, थाईलैंड, श्रीलंका और सऊदी अरब का दौरा किया है। बाकी नौ देशों के यात्रा बिल अभी ‘प्रोसेसिंग में हैं’—जैसे सब्ज़ीवाले से पूछो तो कहे “भइया रेट तो मंडी से आना बाकी है!”

पुरानी यात्राओं का जोड़-घटाव?

2021 से 2024 के बीच की विदेश यात्राओं का कुल खर्च 295 करोड़ रुपये से ऊपर बैठा। यानी मोदी जी जितना बाहर गए, उतना कोई मोबाइल डेटा भी खर्च नहीं करता।
कोई कह रहा है: “ये तो पक्के travel influencer निकले!”
अब देखिए, डॉलर भी उड़े और दिल भी—वो भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर।

क्या ये यात्राएं ज़रूरी थीं?

सरकार का कहना है कि इन दौरों से भारत की विदेश नीति को मजबूती मिली है। लेकिन विपक्ष को इसमें ‘मजबूती’ कम और ‘महंगाई की बूटी’ ज़्यादा दिख रही है।
कई आलोचकों का मानना है कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं में ब्रांड इंडिया की छवि तो ज़रूर चमकी, पर टैक्सपेयर्स की जेब भी अच्छी-खासी हल्की हो गई।

घूमना मना है? नहीं, बस बिल दिखाना ज़रूरी है!

प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएं कोई नई बात नहीं हैं, हर देश के नेता दौरे करते हैं। लेकिन जब खर्चों का आंकड़ा सैकड़ों करोड़ तक पहुंच जाए और जनता महंगाई से जूझ रही हो, तो सवाल तो बनता है।

सरकार को चाहिए कि इन दौरों के Return on Investment को भी जनता के सामने रखे—कहीं ऐसा न हो कि यात्रा शानदार हो, लेकिन फायदे का बोर्ड ‘Coming Soon’ ही दिखाता रहे।

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