
दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर रविवार शाम एक खड़ी कार में तीन लाशें मिलने से राजधानी में सनसनी फैल गई। ट्रैफिक की आवाज़ों के बीच जब पुलिस ने कार का दरवाज़ा खोला, तो अंदर का मंजर किसी crime-thriller से कम नहीं था।
मृतकों की पहचान रणधीर सिंह, शिव नरेश और लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती।
‘तांत्रिक बाबा’—जिसने कहानी को मोड़ दिया
पुलिस जांच में सबसे चौंकाने वाला एंगल सामने आया है — एक रहस्यमयी तांत्रिक बाबा। सबूत बताते हैं कि मौत से ठीक पहले कार में एक चौथा शख्स भी मौजूद था… और वही बाबा अब जांच के केंद्र में है।
बताया जा रहा है कि बाबा लोगों को यह झांसा देता था कि “1 लाख दो, 5 लाख बनाकर दूंगा” यही लालच शायद तीनों मृतकों को उस कार तक ले आया।
लालच, तंत्र-मंत्र और एक खतरनाक खेल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक तांत्रिक खुद को महाज्ञानी बताता था और पैसे बढ़ाने का दावा करता था। रणधीर और शिव नरेश पिछले 6 साल से प्रॉपर्टी बिजनेस में थे और आर्थिक रूप से मजबूत थे — यही बात पूरे मामले को और संदिग्ध बना रही है।
सवाल सीधा है अगर सुसाइड था, तो इतना सीक्रेट प्लान क्यों?
परिजनों का दावा: यह आत्महत्या नहीं, हत्या है
रणधीर सिंह के परिजनों ने पुलिस की शुरुआती सुसाइड थ्योरी को सिरे से नकार दिया है। उनका कहना है कि रणधीर खुशमिजाज थे और किसी भी तरह की मानसिक परेशानी में नहीं थे।
कार से मिले सामान सॉफ्ट ड्रिंक की बोतलें, हेलमेट, ट्रैक सूट इन चीज़ों ने केस को और confusing बना दिया है।
CCTV, पोस्टमार्टम और कई सवाल
आउटर दिल्ली के DCP सचिन शर्मा के मुताबिक आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से तय होगा ज़हर या दम घुटना। तांत्रिक बाबा की पूरी कुंडली खंगाली जा रही है। दो अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
पीरागढ़ी जैसे busy इलाके में इतनी बड़ी घटना ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
कभी “नोट दोगुना” का लालच, कभी “तंत्र से चमत्कार” और अंत में तीन ज़िंदगियाँ खत्म। सवाल यह नहीं कि बाबा तांत्रिक था या ठग, सवाल यह है — क्या लालच ने इंसानियत से बड़ा खेल खेल लिया?

