
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है और हालात काबू से बाहर होते दिख रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने केंद्र से सेना की तैनाती की मांग कर दी है।
किन जिलों में बाढ़ का कहर ज़्यादा?
पंजाब प्रांत के लाहौर, कसूर, सियालकोट, फ़ैसलाबाद, नारोवाल और ओकारा ज़िलों में जलप्रलय जैसे हालात हैं।
इन्हीं 6 जिलों में सीधे तौर पर सेना की मदद मांगी गई है, ताकि स्थानीय प्रशासन को राहत-बचाव में मदद मिल सके।
मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने दिए निर्देश
पंजाब गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है।
उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए “No Delay Policy” अपनाने को कहा है।
ज़िला प्रशासन से लेकर PDMA तक अलर्ट मोड में
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प्रांतीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (PDMA)
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रेस्क्यू 1122
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सिविल डिफेंस और पुलिस
इन सभी एजेंसियों को पहले ही एक्टिव कर दिया गया है और सभी ज़िले “War Footing” पर राहत कार्यों में जुटे हैं।
सेना देगी हवाई सहायता और संसाधन
बयान के अनुसार, सेना की तैनाती स्थानीय प्रशासन से परामर्श कर तय की जाएगी। जरूरत पड़ी तो हवाई सहायता, बोट्स, मेडिकल कैंप्स, फूड सप्लाई और टेंट्स जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
हालात पर 24×7 नज़र
पंजाब सरकार ने दावा किया है कि वो हर ज़रूरी कदम उठा रही है। लोगों की जान-माल की सुरक्षा, जल्द राहत पहुंचाना, और नुकसान को रोकना उनकी प्राथमिकता है।
बाढ़ का संकट टला नहीं है, लेकिन सरकार की सक्रियता और सेना की संभावित तैनाती से उम्मीद ज़रूर बंधी है। अब देखना यह होगा कि ज़मीन पर राहत का असर कितना तेज़ दिखाई देता है।
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