
नमस्ते लखनऊ! अगर आपने अब तक ट्रैफिक में फँसकर ऑफिस की मीटिंग, डेट या मूड – कुछ भी मिस किया है, तो खुश हो जाइए!
केंद्रीय कैबिनेट ने लखनऊ मेट्रो के फेज 1B को हरी झंडी दे दी है।
₹5,801 करोड़ का बूस्टर डोज़, और 11 नए स्टेशन
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि लखनऊ मेट्रो के इस नए फेज के तहत ₹5,801 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इससे 11 नए स्टेशन बनेंगे जो शहर के उन हिस्सों तक पहुंचेंगे जहां आज तक सिर्फ ऑटो और उम्मीद चलती थी।
“लखनऊ बहुत बड़ा शहर है और यहां मेट्रो की बहुत जरूरत है,” – अश्विनी वैष्णव
अब आपका घर और ऑफिस मेट्रो से जुड़ेगा, बशर्ते घर ऑफिस से बहुत दूर ना हो और मेट्रो स्टेशन बीच में ना बदलना पड़े।
ट्रैफिक बोले – हम जा रहे हैं
लखनऊ की ट्रैफिक की जो कछुआ चाल है, उसके लिए यह फैसला किसी बुलेट ट्रेन जैसी राहत लेकर आया है।
“घर से निकलने में डर लगता है” – ये शिकायत अब शायद अतीत हो जाए।
फेज 1B के बाद शहर के कई घनी आबादी वाले इलाके मेट्रो से जुड़ेंगे, जिससे सड़कें थोड़ी साँस ले पाएंगी।
नौकरी मिलेगी या टिकट ही महंगा पड़ेगा?
इस प्रोजेक्ट से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इंजीनियर, मजदूर, टिकट कलेक्टर, मेट्रो में फोटो खींचने वाले इंस्टा इन्फ्लुएंसर – सभी को काम मिलेगा।

साथ ही उम्मीद है कि इसके चलते शहर की अर्थव्यवस्था को भी एनर्जी ड्रिंक जैसा झटका मिलेगा।
(Disclaimer: महंगाई में टिकट के रेट को लेकर जनता थोड़ी नर्वस जरूर है…)
“लखनऊ को चाहिए रफ्तार, ना कि रुकावट”
फेज 1B की मंजूरी के साथ, अब लखनऊ वासियों को दो सवाल तंग कर रहे हैं:
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प्रोजेक्ट कब पूरा होगा?
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और इससे पहले हम रिटायर तो नहीं हो जाएंगे?
हालांकि सरकार का दावा है कि यह प्रोजेक्ट गति शक्ति के तहत समय पर पूरा होगा, लेकिन भारत में समय पर होना भी एक मेट्रो मिरेकल ही होता है।
सरकार सीरियस है, पर हम भी सीरियस हैं
ये फैसला साफ दिखाता है कि केंद्र सरकार लखनऊ के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर गंभीर है। अब बस ज़रूरत है कि यह seriousness टेंडर, टारगेट और ट्रैक तक पहुंचे।
क्योंकि जब मेट्रो फेज पूरा होगा, तभी कह सकेंगे –“दिल्ली जैसी फील लखनऊ में भी!”
