
पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने एक बार फिर भारत के खिलाफ खुला जहर उगला है। संगठन के बहावलपुर चीफ सैफुल्ला सैफ ने सैकड़ों आतंकियों की मौजूदगी में एक भड़काऊ भाषण दिया, जिसमें भारत और भारतीय नेतृत्व को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बयान सिर्फ भाषण नहीं बल्कि कट्टरपंथी उकसावे की रणनीति का हिस्सा है।
खुले मंच से नफरत की भाषा
जनसभा को संबोधित करते हुए सैफुल्ला सैफ ने ‘गजवा-ए-हिंद’ का नारा दिया। भारत के खिलाफ जिहाद की बात कही और भारतीय नेताओं को अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया। इतना ही नहीं, उसने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धमकी दी।
यह पूरा भाषण रिकॉर्ड किया गया, जो अब सुरक्षा एजेंसियों के संज्ञान में है।
जब तर्क खत्म हो जाते हैं, तब आतंकवादी भाषण शुरू होते हैं।
युवाओं को बरगलाने की कोशिश
जानकारों का कहना है कि इस भाषण का असली मकसद युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलना और नए आतंकियों की भर्ती को तेज करना था। सैफ ने खुलेआम हिंसा का महिमामंडन किया और अपने समर्थकों से “आगे आने” की अपील की। यह वही पैटर्न है, जो लश्कर पहले भी इस्तेमाल करता रहा है।
क्षेत्रीय हालात पर झूठा दावा
अपने भाषण में सैफुल्ला सैफ ने यह दावा भी किया कि क्षेत्रीय समीकरण बदल रहे हैं और बांग्लादेश पाकिस्तान के साथ खड़ा है। साथ ही उसने यह भी कहा कि “इस मकसद के लिए पाकिस्तानी फौज तैयार है।”
इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन ऐसे बयान पाकिस्तान की भूमिका पर फिर से सवाल खड़े करते हैं।
जब हकीकत साथ न दे, तो भ्रम बेचा जाता है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इस वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़ने के बाद पाकिस्तान एक बार फिर आतंकियों को आगे कर रहा है।
गौरतलब है कि हाल ही में लश्कर के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी ने भी कश्मीर को लेकर भड़काऊ बयान दिया था।
बहावलपुर से दिया गया यह भाषण साफ संकेत देता है कि पाकिस्तान की जमीन पर आज भी आतंकियों को खुली छूट और मंच दोनों मिल रहे हैं।
भारत के लिए यह कोई नया खतरा नहीं, लेकिन हर बार की तरह— जवाब शब्दों से नहीं, सुरक्षा तैयारियों से दिया जा रहा है।
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