
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर एक भयानक सड़क हादसा हुआ। बेंगलुरु से शिवमोग्गा जा रही प्राइवेट स्लीपर बस एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद बस में आग लग गई, और आग ने मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। इस हादसे में 9 लोग जिंदा जल गए, जबकि कई लोग जख्मी हुए। घायल लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हादसे की वजह और चश्मदीद बातें
पुलिस के मुताबिक, ट्रक ने डिवाइडर पार किया और सीधे बस के फ्यूल टैंक से टकराया, जिससे आग फैल गई। बस में ड्राइवर और कंडक्टर समेत 32 लोग सवार थे। हादसे के समय यात्रियों में से कुछ ही लोग शीशे तोड़कर अपनी जान बचा पाए, क्योंकि गेट लॉक हो गए थे।
दूसरे बस में छात्र सुरक्षित
हादसे के समय, साथ में चल रही दूसरी बस में 48 छात्र यात्रा कर रहे थे। यह बस भी दुर्घटना वाले मार्ग से गुजर रही थी, लेकिन छात्रों को कोई चोट नहीं आई।
हाइवे पर जाम और राहत कार्य
हादसे के बाद 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम ने राहत कार्य और जाम हटाने का काम शुरू किया।
पीएम मोदी का बयान और सहायता राशि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। पीड़ित परिवारों को 2 लाख रुपये और घायल लोगों को 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की।

तमिलनाडु में भी सड़क हादसा: 9 की मौत
कुड्डालोर जिले के एलुथुर गांव के पास त्रिची-चेन्नई नेशनल हाइवे पर एक अन्य सड़क हादसा हुआ, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मृतकों के परिवारों को 3 लाख रुपये और घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता राशि देने का आदेश दिया।
दो राज्यों में हुए ये हादसे सड़क सुरक्षा और यात्री सतर्कता की आवश्यकता को दोबारा रेखांकित करते हैं। प्रशासन और नागरिकों को सड़क नियमों और ट्रैफिक सुरक्षा उपायों का पालन और समय पर राहत कार्य सुनिश्चित करने की जरूरत है।
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