
अमेरिका का कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन भले ही दुनिया से जा चुका हो, लेकिन उसकी फाइलें अब भी पावर कॉरिडोर्स में हलचल मचा रही हैं। हाल ही में सामने आए FBI के एक सीक्रेट दस्तावेज ने ऐसा दावा किया है, जिसने वॉशिंगटन से लेकर तेल अवीव तक खलबली मचा दी है।
दस्तावेज के मुताबिक, एपस्टीन को कथित तौर पर इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक के संरक्षण में ‘स्पाई ट्रेनिंग’ दी गई थी। दावा है कि वह सिर्फ हाई-प्रोफाइल सोशलाइट नहीं, बल्कि खुफिया खेल का खिलाड़ी भी था।
Mossad, Phone Calls और Power Conversations
रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि एपस्टीन और मशहूर हार्वर्ड प्रोफेसर एलन डर्शोविट्ज के बीच होने वाली निजी बातचीत तक की जानकारी इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद तक पहुंचाई जाती थी।
इतना ही नहीं—दस्तावेज यह भी इशारा करता है कि एपस्टीन सिर्फ मोसाद ही नहीं, बल्कि अमेरिका और कुछ अन्य मित्र देशों की एजेंसियों के लिए भी informal asset की तरह काम कर सकता था। हालांकि, ये दावे अभी कानूनी तौर पर प्रमाणित नहीं हुए हैं।
Tech चोरी से चुनावी साजिश तक!
FBI दस्तावेज में चौंकाने वाला दावा यह भी है कि एपस्टीन की भूमिका Silicon Valley की तकनीक चोरी, US elections को प्रभावित करने, और power elites पर leverage बनाने जैसी गतिविधियों तक फैली हो सकती है।
यानी सवाल सिर्फ सेक्स ट्रैफिकिंग का नहीं—पावर, डेटा और कंट्रोल का भी है।

Netanyahu का पलटवार: “सब बकवास है”
इन आरोपों के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू खुलकर सामने आए। उन्होंने साफ कहा, “Epstein का Israel या Mossad के लिए काम करने का कोई सबूत नहीं है।”
नेतन्याहू ने सीधे-सीधे एहुद बराक पर राजनीतिक हमला बोला और कहा कि व्यक्तिगत जान-पहचान को देश से जोड़ना एक राजनीतिक साजिश है।
बड़े नाम, अधूरे सच और खुला सवाल
इस केस में Jared Kushner के परिवार, बड़े बिज़नेस टायकून्स और कई ग्लोबल पावर प्लेयर्स के नाम भी चर्चाओं में हैं। एहुद बराक यह मान चुके हैं कि वे एपस्टीन से मिले थे, लेकिन जासूसी या गलत काम से इनकार करते हैं।
अब सवाल यही है क्या Epstein सच में एक trained spy था? या फिर यह सब एक ऐसी थ्योरी है, जिसे सच और साजिश के बीच कहीं दबा दिया गया?
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