
बिहार के राजनीति में जे कबो ऊँघता बा, उहे जाके अइसन बवाल हो जाला कि “नेटफ्लिक्स” भी शरमा जाए। JDU के भीतरी महाभारत के नया अध्याय लिख रहल बा — गोपाल मंडल बनाम अजय मंडल!
अब ई लड़ाई कवनो छोटी-मोटी बात ना ह — ई कहानी में बा:
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अफीम के खेती,
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गोलीबारी,
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शराब माफिया,
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आ एगो “रहस्यमयी महिला नेतृई”!
ई सब सुनके लागता कि बिहार विधान सभा ना, कोई वेब सीरीज के स्क्रिप्ट चल रहल बा!
“अफीम उगावल जा रहल बा, संसद में ना, खेत में!” — गोपाल मंडल के आरोप
भागलपुर से सांसद अजय मंडल पर गोपाल मंडल (गोपालपुर विधायक) के आरोप सीधा मुंह के तमाचा नियर बा।
गोपाल जी कहत बाड़न:
“हम ओनकरा के सांसद माने से इनकार करत बानी। 40 बीघा में अफीम के खेती करत बाड़न!”
अब अफीम के खेती सुनके तो खुफिया एजेंसियन के कान खड़ा हो गइल होई!
उहे ना, उ कहत बाड़न कि:
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अजय मंडल शराब माफिया के गोली मार के हत्या कर देले
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अउरी बहुत लोग के मुवाईल बाड़न

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“गैंग ऑपरेशन” से लेके “नेटवर्किंग” तक — सब सेट बा!
“महिला नेतृई” के एंट्री से बढ़ल मसाला!
गोपाल मंडल के अगिला आरोप — एगो महिला नेतृई पर बा।
“का ई महिला पार्टी से बा? आ ई हमरा के छोड़ के कइसे पार्टी में काम कर रहल बा? ई के जांच होखे के चाहीं!”
मतलब अब मामला पार्टी लाइन से बढ़ के निजी ईगो तक पहुंच चुकल बा। जइसन फिल्म में “हीरोइन” के एंट्री से कहानी पलट जाले, इहां भी ओही हाल बा।
अजय मंडल के पलटवार: “अब हमहूँ ओनहीं के भाषा में बोलब!”
सांसद अजय मंडल के कहना बा:
“ई आरोप सरासर झूठ बा। एफआईआर त करिए चुकनी, अब जबान से ना, कानून से लड़ाई होई!”
उ कहलन कि बहुत जल्दी ऊ मीडिया बुला के सारा साँच सामने लइहें साथ ही, गोपाल मंडल के JDU से बाहर करे के मांग भी पार्टी आलाकमान से करीहें।
JDU के अंदरूनी जंग: “हम ही असली मंडल!” वाला मुकाबला!
ई घमासान से JDU के गुटबाजी अब जनता के सामने खुल के आ गइल बा। अब पार्टी के छवि झुलसे वाली स्थिति में बा।
गोपाल बोले – “मंडल के नाम पर बदनामी ना होई!”
अजय बोले – “सच्चाई सामने लाके बदनामी मिटाइब!”
भाई, अब ई मंडल Vs मंडल मैच पूरा बिहार के सियासी रंगमंच पर ट्रेंड कर रहल बा।
“जहां अफीम, वहां हंगामा – गोपाल मंडल का सियासी ड्रामा!”
ई झगड़ा ना, एगो पॉलिटिकल सीजनल ड्रामा बा। बिहार के जनता अब पूछे लागल बा — “बाई जी, अगला एपिसोड कब रिलीज होई?”
“टैरिफ़ ट्रंप का नया टोय – अब रूस की बारी!”
