GST 1.5 या 2.0? जयराम रमेश ने सरकार के GST रिफॉर्म्स पर कसा तंज

अजमल शाह
अजमल शाह

“GST परिषद की बैठक से पहले ही प्रधानमंत्री घोषणा कर देते हैं, फिर बैठकों का क्या मतलब रह जाता है? चाय-बिस्किट सेशन?”

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब सत्ता पर तीर चलाना हो, तो शब्दों से धार लगाई जाती है। उन्होंने मोदी सरकार के नए GST रेट रेशनलाइजेशन को न सिर्फ “आधा-अधूरा सुधार” बताया, बल्कि ये भी कह डाला कि यह GST 2.0 नहीं, सिर्फ GST 1.5 है।

क्या बोले जयराम रमेश?

“हम तो बरसों से GST 2.0 की मांग कर रहे हैं, लेकिन जो हुआ है वो ‘patch update’ जैसा है, नया सिस्टम नहीं!”

जयराम रमेश ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि जब प्रधानमंत्री 15 अगस्त के भाषण में पहले से ही जीएसटी बदलावों की घोषणा कर चुके थे, तो फिर जीएसटी परिषद की बैठक महज़ एक औपचारिकता बन कर रह गई है क्या?

उन्होंने मोदी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह सुधार विनिर्माण और निजी निवेश को प्रोत्साहित करेगा, या फिर यह सिर्फ स्लैब शफलिंग बनकर रह जाएगा?

क्या है नया GST सुधार?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि:

  • अब केवल दो टैक्स स्लैब होंगे – 5% और 18%

  • 12% और 28% स्लैब समाप्त

  • लक्ज़री आइटम पर अलग से 40% टैक्स प्रस्तावित

यह फैसला 56वीं GST परिषद की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया।
अब सरकार कह रही है – “सिंपल टैक्स, सॉफ्ट लाइफ!”
लेकिन कांग्रेस पूछ रही है – “सिंपल दिखावा या सॉलिड रिफॉर्म?”

सियासी GST: टैक्स कम, तकरार ज़्यादा

यह पहला मौका नहीं है जब कांग्रेस ने GST को “गब्बर सिंह टैक्स” से लेकर “गड़बड़ सिंह टैक्स” तक बताया हो। अब जयराम रमेश की इस नई शब्दावली – GST 1.5 – ने एक नया मुहावरा जोड़ दिया है भारतीय राजनीति के फाइनेंस बुक में।

क्या GST 1.5 से होगा निवेश का जलवा?

जयराम रमेश का बड़ा सवाल ये है कि क्या ये सुधार:

  • MSME सेक्टर को रिलीफ देगा?

  • निजी निवेश को प्रमोट करेगा?

  • उद्योगों की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ में हेल्प करेगा?

या फिर ये सिर्फ “पब्लिक परफॉर्मेंस टैक्स कट” है – जहां दिखाया जा रहा है कि सरकार कुछ कर रही है, लेकिन जमीनी असर फिलहाल “Coming Soon” है।

GST Council बनाम GST Console?

सवाल यही है:
क्या GST परिषद वाकई निर्णय लेने वाली संस्था है, या फिर सिर्फ एक Ctrl+C, Ctrl+V body बनकर रह गई है?
क्योंकि निर्णय पहले भाषण में, और मीटिंग बाद में होती है।

“GST 1.5 Update – Bugs Fix हुए या सिर्फ App का Icon बदला?”

अब जनता सोच रही है:

  • GST 2.0 कब आएगा?

  • क्या इसमें “Night Mode”, “Refund in 7 Days” और “No Raid Guarantee” जैसे फीचर्स होंगे?

  • या फिर ये भी सिर्फ एक Beta Version रहेगा, जिसमें हर कलेक्शन के साथ एक नया विरोध भी आएगा?

एक टैक्स, एक राष्ट्र – और अब एक और तंज

जयराम रमेश के शब्दों में GST 1.5, सरकार के दावों के मुकाबले कहीं ज्यादा पॉलिटिकली वायरल हो गया है।

जहां सरकार इसे साधारण से क्रांतिकारी की ओर उठाया गया कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे तारीख़ों का तमाशा और टैक्स का ड्रामा कह रहा है।

अब जनता को इंतज़ार है –
GST 2.0 कब आएगा और क्या वो भी PowerPoint में ही दिखेगा या रियल लाइफ में भी मिलेगा?

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