हमले के बीच भरा तेल… और निकल पड़ा जहाज! भारत को बड़ी राहत

Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

मिडिल ईस्ट की बेचैन रातों में एक और कहानी लिखी गई—इस बार समुद्र के रास्ते। Jag Ladki oil tanker नाम का भारतीय ध्वज वाला टैंकर जब Fujairah Port पर कच्चा तेल लोड कर रहा था, उसी दौरान आसपास के टर्मिनल पर हमला हो गया।

धमाकों और अफरा-तफरी के बीच यह सवाल उठ खड़ा हुआ क्या जहाज लोडिंग रोक देगा? लेकिन जहाज ने प्रक्रिया पूरी की। और फिर धीरे-धीरे समुद्र की ओर बढ़ गया।

80,800 टन तेल लेकर रवाना, भारत के लिए बड़ी राहत

सरकारी जानकारी के मुताबिक टैंकर करीब 80,800 टन मुर्बन क्रूड ऑयल लेकर रवाना हुआ। भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे जहाज ने फुजैरा से भारत के लिए यात्रा शुरू कर दी।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच यह खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह युद्ध प्रभावित क्षेत्र से सुरक्षित निकलने वाला चौथा भारतीय जहाज है।

ऊर्जा सप्लाई के लिहाज से यह भारत के लिए राहत की सांस जैसा है।

नाविक सुरक्षित, मिशन जारी, समुद्र में भी चौकसी

जहाज पर मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित बताए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। समुद्री रास्तों की सुरक्षा और तेल की सप्लाई को सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर समन्वय किया जा रहा है।

ऊर्जा मंत्रालय और शिपिंग एजेंसियां इस पूरे ऑपरेशन पर नजर रखे हुए हैं।

मिडिल ईस्ट की आग और तेल का खेल- ऊर्जा बाजार की नब्ज

पश्चिम एशिया दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां हल्का सा तनाव भी वैश्विक तेल बाजार को हिला देता है। ऐसे में अगर जहाज सुरक्षित निकलते हैं, तो यह सिर्फ एक लॉजिस्टिक खबर नहीं होती यह पूरे ऊर्जा बाजार के लिए संकेत होती है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

ऊर्जा विश्लेषक Amit Mittal कहते हैं, “भारत की ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्गों पर निर्भर है। अगर युद्ध के बीच भी जहाज सुरक्षित निकल रहे हैं तो इसका मतलब है कि सप्लाई चेन अभी नियंत्रण में है।”

वे हल्के व्यंग्य में जोड़ते हैं, “तेल की दुनिया में सबसे बड़ा मंत्र यही है—जहाज चलता रहे। अगर जहाज रुक गया तो दुनिया की अर्थव्यवस्था भी हिचकी लेने लगती है।”

भारत की रणनीति है सप्लाई लाइन बचाने की कोशिश

भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है। ऐसे में सरकार का फोकस साफ है किसी भी हाल में सप्लाई लाइन टूटने नहीं देनी। इसी कारण ऊर्जा कंपनियां वैकल्पिक मार्ग, अतिरिक्त स्टॉक और जहाजों की सुरक्षा जैसे उपायों पर काम कर रही हैं।

समुद्र से आई राहत

युद्ध, धमाके और तनाव के बीच कभी-कभी राहत की खबरें भी आती हैं। ‘जग लाडकी’ का सुरक्षित निकलना ऐसी ही खबर है। यह सिर्फ एक जहाज नहीं था, यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा की चलती-फिरती लाइफलाइन थी। और फिलहाल…यह लाइफलाइन समुद्र के रास्ते भारत की ओर बढ़ रही है।

ईरान के बाद पाकिस्तान? जंग के बीच नया डर, इस्लामाबाद में बेचैनी

Related posts

Leave a Comment