
सोमवार सुबह आंध्र प्रदेश पुलिस की टीम ने बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी Sunil Kumar Nayak के पटना स्थित आवास पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में बिहार पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे।
नायक फिलहाल बिहार में आईजी (फायर सर्विसेज) के पद पर तैनात हैं। यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश विधानसभा के उपसभापति Raghurama Krishnam Raju से जुड़े कथित हिरासत प्रताड़ना और जानलेवा हमले के मामले से संबंधित बताई जा रही है।
मामला क्या है?
2021 में राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी के दौरान राजू ने आरोप लगाया था कि पुलिस हिरासत में उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उस समय नायक आंध्र प्रदेश में डीआईजी, सीआईडी के पद पर तैनात थे और जांच प्रक्रिया का हिस्सा थे।
अब सूत्रों के मुताबिक, उसी केस में उनकी भूमिका की दोबारा जांच हो रही है। पूछताछ की संभावना जताई जा रही है और गिरफ्तारी को लेकर भी अटकलें हैं, हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि भी अहम
जुलाई 2024 में Telugu Desam Party की सरकार बनने के बाद राजू की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री Y. S. Jagan Mohan Reddy सहित कई अधिकारियों के नाम शामिल बताए गए।
सियासत और जांच जब एक ही मंच पर आ खड़े हों, तो हर कदम सुर्खियों में आता है।

नोटिस, अनुपस्थिति और छापा
प्रकाशम जिले के एसपी ए.आर. दामोदर ने नायक को दो बार नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया था। बताया जा रहा है कि वे पेश नहीं हुए।
छापेमारी का उद्देश्य कथित तौर पर पूछताछ और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाना था। यदि अधिकारी जांच में सहयोग करते हैं, तो मामला पूछताछ तक सीमित रह सकता है। अन्यथा गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है।
कौन हैं सुनील कुमार नायक?
- बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी
- 2019 में प्रतिनियुक्ति पर आंध्र प्रदेश गए
- डीआईजी, सीआईडी के रूप में कार्यरत रहे
- 2023 में बिहार वापसी
- वर्तमान में आईजी (फायर सर्विसेज), बिहार
कैरियर का यह अध्याय अब जांच की रोशनी में है।
जांच की दिशा अब इस पर निर्भर करेगी कि नायक आंध्र प्रदेश पुलिस के समक्ष पेश होते हैं या नहीं। कानून की किताब में हर पन्ना दर्ज होता है, लेकिन अदालत में वही पन्ना खुलता है जिसे जांच एजेंसियां पर्याप्त मानें। फिलहाल कहानी अपने अगले मोड़ की प्रतीक्षा में है।
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