
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में चल रही India-US Trade Deal अब सिर्फ डिप्लोमैटिक टेबल की फाइल नहीं रही, बल्कि एक ठोस framework agreement के रूप में सामने आ चुकी है। देर रात दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान ने साफ कर दिया है—अब व्यापार सिर्फ नंबरों का खेल नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी बन चुका है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस आत्मविश्वास के साथ यह ऐलान किया, उसने बाजार से लेकर नीति-निर्माताओं तक सबका ध्यान खींच लिया।
Zero Tariff = Zero Excuse for Growth
पीयूष गोयल के मुताबिक, इस डील का सबसे बड़ा highlight है Zero Tariff Policy। अब भारत से अमेरिका जाने वाले कई बड़े एक्सपोर्ट प्रोडक्ट्स पर शून्य शुल्क लगेगा, जिनमें शामिल हैं Diamonds & Gems, Pharmaceutical Products, Smartphones & Electronics. मतलब साफ है अब “Make in India” सिर्फ स्लोगन नहीं, बल्कि Make for the World का नया मॉडल बन रहा है।
Farmer Friendly Trade: Agriculture को भी Green Signal
इस डील में सिर्फ इंडस्ट्री नहीं, बल्कि किसानों के हितों का भी खास ध्यान रखा गया है। भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले कई कृषि उत्पादों पर भी Reciprocal Zero Tariff लागू होगा।
इस लिस्ट में शामिल हैं मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, काजू, सुपारी, ब्राजील नट, फल-सब्ज़ियां और प्रोसेस्ड फूड। यानी किसान खेत में उगाएगा, और उसका प्रोडक्ट सीधे ग्लोबल मार्केट तक पहुंचेगा बिना टैरिफ के ब्रेक के।

$500 Billion Trade Target: Ambition या Reality?
पीयूष गोयल ने साफ कहा कि India-US bilateral trade को $500 Billion तक ले जाना अब सपना नहीं, बल्कि रोडमैप है।
उनका कहना था कि आज का दिन “इतिहास में सुनहरे अक्षरों से लिखा जाएगा” जब टैरिफ जीरो हो जाए, तो टारगेट अपने-आप बड़ा दिखने लगता है।
Strategic Angle: Investors के लिए Open Invitation
इस trade framework के बाद Foreign investors के लिए नया भरोसा। Exporters के लिए कम cost, ज्यादा margin. Startups के लिए global scalability.
सरल शब्दों में कहें तो, Deal सिर्फ trade की नहीं, trust की भी है।
“ट्रंप बोले Deal फाइनल, रूस बोला—ये भारत है बॉस!”
