विकास की रफ्तार या कर्ज़ का भार? गुजरात बजट में आंकड़ों का बड़ा खेल

संजीव पॉल
संजीव पॉल

गुजरात विधानसभा में पेश ताज़ा बजट दस्तावेज़ों के मुताबिक, राज्य का कुल सार्वजनिक कर्ज़ आने वाले वर्षों में 5.5 लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है।

आंकड़े बताते हैं कि 2023–24 में कर्ज़: ₹3,52,717 करोड़। 2024–25 में बढ़कर: ₹4,30,320 करोड़। 2025–26 अनुमान: ₹4,45,537 करोड़। 2026–27 अनुमान: ₹4,87,069 करोड़। 2028–29 अनुमान: ₹5,66,845 करोड़।

यानी महज़ एक साल में करीब ₹77,000 करोड़ का इज़ाफा और पांच साल में लगभग 65% वृद्धि की संभावना।

Growth Story: GSDP का सहारा

सरकार का तर्क साफ है जब राज्य का GSDP करीब 68% तक बढ़ने का अनुमान है, तो कर्ज़ की हिस्सेदारी 14.38% से घटकर 13.74% रह सकती है।

मतलब Absolute Debt बढ़ेगा, लेकिन Economy का Size भी बड़ा होगा। सरल भाषा में “पाई बड़ी होगी, तो कर्ज़ का टुकड़ा छोटा दिखेगा।”

Fiscal Deficit: असली चिंता यहां है

2023–24 में राजकोषीय घाटा ₹23,463 करोड़ था। 2028–29 तक इसके ₹82,518 करोड़ तक पहुंचने की आशंका है — यानी लगभग 251% की वृद्धि। यही वह आंकड़ा है जो Economists को परेशान कर रहा है।

क्योंकि Fiscal Deficit केवल उधारी नहीं, बल्कि Future Taxpayers पर बोझ का संकेत होता है।

Revenue Surplus में गिरावट

2023–24 में राजस्व अधिशेष ₹33,477 करोड़ था। 2028–29 तक इसके घटकर लगभग ₹22,000 करोड़ रहने का अनुमान है।

विशेषज्ञों का मानना है कि Interest Payments और स्थायी खर्च (Committed Expenditure) में वृद्धि इसका बड़ा कारण हो सकती है।

एक तरफ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, एक्सप्रेसवे, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और निवेश समिट की घोषणाएं…
दूसरी तरफ बढ़ता कर्ज़।

सवाल उठता है, क्या यह “Investment for Future Growth” है या “Development on EMI”? राज्य की अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत दिख रही है, लेकिन Debt Management की रणनीति आने वाले वर्षों में असली परीक्षा होगी।

अगर GSDP ग्रोथ अनुमान के अनुसार होती है, तो Debt-to-GSDP Ratio नियंत्रित रह सकता है। लेकिन अगर Growth धीमी हुई और Deficit बढ़ा, तो Fiscal Pressure तेजी से बढ़ सकता है।

सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है:
Revenue बढ़ाना
Expenditure Control करना

क्या यह आक्रामक उधारी Long-term Asset Creation में बदलेगी? या आने वाले वर्षों में Interest Burden विकास योजनाओं को सीमित कर देगा?

गुजरात की आर्थिक रणनीति अब केवल Growth Numbers से नहीं, बल्कि Fiscal Discipline से भी आंकी जाएगी।

गुजरात का बजट एक क्लासिक उदाहरण है — High Growth Narrative vs Rising Debt रियलिटी। आने वाले पांच साल तय करेंगे कि यह Financial Strategy Masterstroke साबित होगी या Fiscal Risk।

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