
बिहार की राजनीति में एक बार फिर “कुछ बड़ा होने वाला है” वाली फील लौट आई है। परंपरा रही है कि खरमास खत्म होते ही सियासी पिच पर बड़े शॉट खेले जाते हैं, और इस बार भी संकेत कुछ अलग नहीं हैं।
सूत्रों की मानें तो NDA के भीतर रणनीतिक मंथन फुल स्विंग में है, जहां चर्चा सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि भविष्य की कमान को लेकर है।
Nitish Kumar Exit Plan? BJP की Long-Term Strategy
बीजेपी के भीतर यह सोच जोर पकड़ रही है कि “Nitish Era के बाद Bihar में Next Face तैयार किया जाए”
कहा जा रहा है कि बीजेपी चाहती है कि अगले 3 से 6 महीनों में Nitish Kumar खुद successor का नाम आगे करें। Transition ऐसा हो कि सरकार भी stable रहे और organization भी मजबूत हो।
मकसद साफ है 2025 के आगे Bihar में BJP-led NDA को पूरी तरह battle-ready करना
Nishant Kumar Entry: Deputy CM का सियासी फॉर्मूला?
सत्ता संतुलन बनाए रखने के लिए एक दिलचस्प फार्मूला भी चर्चा में है। Nishant Kumar को Deputy CM बनाने का प्रस्ताव। JDU के core supporters को emotional कनेक्ट, Nitish Kumar के legacy vote-bank को NDA में lock.
हालांकि Nishant Kumar अब तक active politics से दूर रहे हैं, लेकिन अगर यह कदम उठता है तो यह होगा JDU Succession Politics का सबसे बड़ा संकेत
सवाल वही है — Nishant Ready हैं या नहीं?
राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही घूम रहा है। क्या Nishant Kumar frontline politics में आने को तैयार हैं? या फिर ये सिर्फ pressure balancing tactic है?

अभी तक न तो JDU और न ही BJP की तरफ से कोई official confirmation है।
Opposition Alert Mode: RJD-Congress की नजर
RJD और Congress इस पूरे घटनाक्रम पर hawk eye रखे हुए हैं। अगर NDA में leadership shift हुआ तो विपक्ष इसे बताएगा:
- Government instability
- Internal conflict
- Power struggle narrative
यानि मौका मिला तो सियासी वार पक्का
Ground Reality: अभी सब ‘Sources’ पर टिका है
फिलहाल:
Nitish Kumar exit plan
BJP का CM face
Nishant Kumar की भूमिका
सब कुछ सूत्रों और अटकलों पर आधारित है। लेकिन बिहार की राजनीति में अक्सर “जहां धुआं होता है, वहां आग भी होती है”
बिहार की सियासत में खरमास खत्म होते ही नेताओं का व्रत टूटता है — और जनता का सब्र शुरू!
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