
बिहार की नई एनडीए सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग में ऐसा फैसला लिया, जिसने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के चेहरे पर ताजगी और उम्मीद दोनों लौटा दीं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में महंगाई भत्ते यानी DA में 5% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है।
सरकार बोली—”महंगाई बढ़ेगी? तो हम भी बढ़ेंगे!”
कर्मचारियों ने कहा—”अब लगी न बात!”
DA में बढ़ोतरी: अब 252% नहीं, सीधे 257%!
जो लोग हर महीने बढ़ती सब्ज़ी–दाल देखकर Excel शीट में खर्च जोड़ते–जोड़ते थक चुके थे, उनके लिए सरकार का यह फैसला राहत की बारिश जैसा है।
- पुरानी दर: 252%
- नई दर: 257%
- लागू होने की तारीख: 1 जुलाई 2025
सरकार का कहना है कि इससे राज्य के खजाने पर अतिरिक्त भार पड़ेगा, लेकिन कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) में जान आ जाएगी।
मतलब, अब महंगाई को टक्कर देने में employees के पास थोड़ी और गोलियां होंगी।
कर्मचारियों की लंबी मांग हुई पूरी
काफी समय से कर्मचारी DA में बढ़ोतरी की मांग करते आ रहे थे। आखिरकार सरकार ने सोचा—”चलिए, इस बार bonus की जगह DA का इंजेक्शन ही दे दिया जाए!”
यह फैसला नए NDA कार्यकाल में कर्मचारियों के लिए पहला बड़ा तोहफा है।

तीन नए विभाग भी बने – प्रशासन को Turbo Mode
DA बढ़ाने के अलावा कैबिनेट ने तीन नए विभागों के गठन को भी हरी झंडी दी है। इसका सीधा मतलब—
- प्रशासनिक सुधार
- बेहतर सेवा वितरण
- Departments का specialization
सरकार चाहती है कि प्रशासन “कछुआ स्पीड” से बढ़कर कम से कम “स्कूटी स्पीड” तक तो आ जाए। कैबिनेट ने कुल 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनसे विकास और वेलफेयर स्कीम्स को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
नए NDA शासन का फ़ोकस: Employee Welfare + Administrative Reform
यह साफ दिख रहा है कि नई सरकार शुरुआत में ही यह मैसेज देना चाहती है कि— “कर्मचारी भी खुश रहेंगे और सिस्टम भी मजबूत होगा।”
DA बढ़ोतरी और नए विभाग इसका पहला बड़ा संकेत हैं।
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