
दिल्ली के भारत मंडपम में AI Impact Summit 2026 का भव्य आगाज़ हुआ। उद्घाटन किया Narendra Modi ने, और मंच पर मौजूद थे दुनिया के कई बड़े नेता और टेक दिग्गज।
करीब रात 9 बजे तक प्रधानमंत्री समिट में विभिन्न सेशन्स और इंटरैक्शन में शामिल रहेंगे। VVIP मूवमेंट के कारण पहले दिन आम जनता के लिए एंट्री बंद रही, और अब समिट 21 फरवरी तक जारी रहेगा।
Global Stage, Indian Pitch
यह चौथा ग्लोबल AI समिट है पहला 2023 में ब्रिटेन, दूसरा 2024 में दक्षिण कोरिया और तीसरा 2025 में पेरिस में हुआ था। अब चौथी मेजबानी भारत कर रहा है। इस बार चर्चा सिर्फ टेक्नोलॉजी पर नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी की “जिम्मेदारी” पर है।
मंच पर फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron, ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inácio Lula da Silva और संयुक्त राष्ट्र महासचिव António Guterres जैसे नेता मौजूद रहे।
Tech giants की लाइनअप भी कम नहीं थी Sundar Pichai, Sam Altman और Bill Gates जैसे नामों ने समिट को global spotlight दे दिया।
PM मोदी का ‘Human Vision’ AI का भारतीय मॉडल
प्रधानमंत्री ने AI के लिए “Human Vision” पेश किया।
M – Moral & Ethical Systems
A – Accountable Governance
N – National Sovereignty (Data belongs to citizens)
A – Accessible & Inclusive
V – Valid & Verifiable
यह विज़न साफ संकेत देता है कि भारत AI को सिर्फ मशीन-केंद्रित नहीं, बल्कि human-centric बनाना चाहता है। Deepfake और फेक कंटेंट पर चिंता जताते हुए PM ने watermarking और authenticity labels की जरूरत पर जोर दिया मतलब future की digital दुनिया में “सच” भी verify करना पड़ेगा।
AI: Job Killer या Job Creator?
PM मोदी ने इंटरनेट क्रांति का उदाहरण देते हुए कहा, जिस तरह इंटरनेट ने करोड़ों नौकरियां पैदा कीं, AI भी future jobs का powerhouse बन सकता है।

उनका संदेश साफ था, “AI का future predetermined नहीं है। यह हमारे decisions से तय होगा।” यानी अगर steering wheel हमारे हाथ में है, तो road भी हम ही चुनेंगे।
India’s Big AI Push
समिट में 118 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने 38,000 GPUs के public-private computing platform की जानकारी दी, जिसमें 20,000 GPUs और जोड़ने की योजना है। Sundar Pichai ने भारत में 15 अरब डॉलर निवेश का संकेत दिया।
तीन भारतीय कंपनियों ने अपने AI मॉडल और ऐप लॉन्च किए—यह संकेत है कि भारत सिर्फ policy maker नहीं, product builder भी बनना चाहता है।
Tech Diplomacy का नया अध्याय
AI Summit अब technology diplomacy का मंच बन चुका है। Emmanuel Macron ने India Stack और UPI मॉडल की सराहना की। António Guterres ने टेक्नोलॉजी को inequality बढ़ाने के बजाय inclusive growth का माध्यम बनाने की अपील की।
AI अब सिर्फ algorithm नहीं geopolitics का नया आयाम है।
“AI को खुली छूट, पर GPS अपने हाथ में”
PM का एक वाक्य खास रहा AI को खुली छूट दीजिए, पर कमान अपने हाथ में रखिए। मतलब साफ है Technology driver हो सकती है, लेकिन steering human के हाथ में ही रहनी चाहिए। वरना कहीं ऐसा न हो कि मशीनें smarter हों और इंसान सिर्फ data point।
AI Impact Summit 2026 यह बताने की कोशिश है कि 21वीं सदी की power सिर्फ oil या military नहीं data और algorithm भी है।भारत खुद को global AI governance के केंद्र में स्थापित करना चाहता है। अब सवाल यही है—क्या यह summit policy paper तक सीमित रहेगा या ground reality में बदलाव लाएगा?
Operation Sindoor: अमेरिकी एडमिरल बोले – ‘India showed restraint’
