सबकी किस्मत बताने वाले ज्योतिषाचार्य की पत्नी MLC चुनाव हारीं, अब 50 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की लखनऊ स्नातक सीट पर जाने-माने भविष्यवक्ता और ज्योतिषाचार्य इंदु प्रकाश मिश्रा की पत्नी स्मिता मिश्रा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहीं स्मिता मिश्रा को 300 वोट भी नहीं मिल सके। इस सीट पर समाजवादी पार्टी की कांति सिंह ने जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के अवनीश पटेल चुनाव हार गए। हार के बाद स्मिता मिश्रा ने चुनाव में धांधली और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए हैं। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि उनका नवयुवक दल आगामी विधानसभा चुनाव में कम से कम 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा।

कांग्रेस से टिकट मिलने की उम्मीद टूटी

स्मिता मिश्रा ने पहले कांग्रेस की सदस्यता ली थी। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें विधान परिषद चुनाव में पार्टी का टिकट देने का आश्वासन मिला था। उस समय उत्तर प्रदेश कांग्रेस की कमान अजय राय के पास थी। हालांकि, कुछ दिन पहले प्रदेश कांग्रेस संगठन में बदलाव हुआ और आराधना मिश्रा को पार्टी की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके बाद स्मिता मिश्रा को टिकट मिलने की उम्मीद पूरी नहीं हुई और उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरना पड़ा।

कई बड़ी भविष्यवाणियां करने का दावा करते हैं इंदु प्रकाश मिश्रा

ज्योतिषाचार्य इंदु प्रकाश मिश्रा टेलीविजन कार्यक्रमों में भी नजर आते हैं। उनकी वेबसाइट पर कई बड़ी घटनाओं की भविष्यवाणी करने का दावा किया गया है। इनमें भारत के सात रन से विश्व कप जीतने, सोवियत संघ के विघटन, अमेरिका के ट्विन टावर पर हमले और नेल्सन मंडेला की रिहाई जैसी घटनाएं शामिल हैं। उनकी वेबसाइट पर यह भी दावा किया गया है कि उन्होंने 8 नवंबर 2025 को आए भूकंप की भविष्यवाणी 13 दिन पहले ही कर दी थी।

स्मिता मिश्रा ने लगाया बूथ कैप्चरिंग का आरोप

एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्मिता मिश्रा ने चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग और गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके सामने ही उनके एजेंट को डांटकर बूथ से बाहर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले उन्होंने काफी तैयारी की थी और कॉलेजों में जाकर छात्रों तथा शिक्षकों से संपर्क किया था। लेकिन, उनके मुताबिक, चुनाव में कथित फर्जीवाड़े के कारण उनकी मेहनत बेकार हो गई।

स्मिता मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों को मतदान नहीं करने दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एसडीएम ने उनसे कहा कि बूथ के अंदर एजेंट को बैठने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा उन्होंने वोट के बदले नोट बांटे जाने का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

हार के बाद 50 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान

स्मिता मिश्रा ने कहा कि चुनाव में मिली हार से वह निराश नहीं हैं। उन्होंने ऐलान किया कि उनकी पार्टी नवयुवक दल आगामी विधानसभा चुनाव पूरी तैयारी के साथ लड़ेगी और कम से कम 50 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली में निर्भया कांड के बाद उन्होंने पार्टी बनाई थी। अब पार्टी को और मजबूत करने की तैयारी है।

कौन हैं स्मिता मिश्रा?

स्मिता मिश्रा का घर बाराबंकी जिले के इकरा गांव में है, जबकि उनका मायका उन्नाव जिले के कुरारी में बताया गया है। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है। उनकी दोनों बेटियां कनाडा में रह रही हैं। उनके पिता रामसुंदर शुक्ला पुलिस अधिकारी थे। रिपोर्ट के मुताबिक, सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें परेड में जाने का पुरस्कार दिया गया था। उनके दादा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे और सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी बताए जाते हैं।

यूपी एमएलसी चुनाव में किस सीट पर किसकी जीत?

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए चुनाव में लखनऊ शिक्षक सीट पर भाजपा के उमेश द्विवेदी ने जीत दर्ज की। लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह विजयी रहीं। मेरठ स्नातक सीट पर भाजपा के दिनेश गोयल और मेरठ शिक्षक सीट पर भाजपा के श्रीचंद शर्मा ने जीत हासिल की। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा के हरि सिंह ढिल्लों और आगरा स्नातक सीट पर भाजपा के मानवेंद्र सिंह जीते।

आगरा शिक्षक सीट पर सपा के आकाश अग्रवाल, गोरखपुर शिक्षक सीट पर भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी और झांसी-प्रयागराज स्नातक सीट पर सपा के मानसिंह यादव विजयी रहे। वाराणसी शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की। वहीं, वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा आगे चल रहे थे।

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