नोएडा: नोएडा में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सेक्टर-3 के रजनीगंधा अंडरपास से सेक्टर-60 तक छह लेन का एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इस 5.49 किलोमीटर लंबे मार्ग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है। नोएडा प्राधिकरण ने यह रिपोर्ट भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) से तैयार कराई है। उम्मीद है कि संस्थान एक सप्ताह के भीतर डीपीआर प्राधिकरण को सौंप देगा। इस परियोजना पर करीब 850 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सड़क बनने से दिल्ली के डीएनडी से सेक्टर-62 तक आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अलाइनमेंट में बदलाव के कारण लंबे समय से अटकी थी परियोजना
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का निर्माण रजनीगंधा अंडरपास के सामने से किया जाना है। इसके अलाइनमेंट में संशोधन को नोएडा प्राधिकरण ने पिछले दिनों मंजूरी दी थी। अलाइनमेंट तय नहीं होने के कारण यह परियोजना लंबे समय से आगे नहीं बढ़ पा रही थी। अब डीपीआर तैयार होने के बाद इसके अगले चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
सेक्टर-12 और सेक्टर-22 टी-पॉइंट पर बनाया गया विशेष मोड़
इस परियोजना में सेक्टर-12 और सेक्टर-22 का टी-पॉइंट सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यहां एलिवेटेड रोड को मोड़ने के लिए विशेष कर्व डिजाइन किया गया है। इसी वजह से आईआईटी रुड़की ने इस हिस्से के डिजाइन पर खास ध्यान दिया है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद डीएनडी से सेक्टर-62 तक पहुंचने वाले वाहन चालकों को अधिक सुविधाजनक मार्ग मिलने की उम्मीद है।
इन सेक्टरों से होकर गुजरेगा नया एलिवेटेड रोड
प्रस्तावित छह लेन का एलिवेटेड रोड सेक्टर-3 से शुरू होगा। इसके बाद यह सेक्टर-10, सेक्टर-12, सेक्टर-22 टी-पॉइंट और सेक्टर-57 से होते हुए सेक्टर-60 तक पहुंचेगा। इस मार्ग के तैयार होने से डीएनडी से सेक्टर-60 तक का सफर आसान हो सकेगा और संबंधित क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पुराने एलिवेटेड रोड पर फिर हुआ गड्ढा, जांच शुरू
एक ओर नए एलिवेटेड रोड की डीपीआर तैयार हुई है, वहीं दूसरी ओर नोएडा के मौजूदा एलिवेटेड रोड पर गड्ढा होने का मामला सामने आया है। मंगलवार को सेक्टर-33 स्थित इस्कॉन मंदिर के पास एलिवेटेड रोड के बीचोंबीच गड्ढा हो गया। नोएडा प्राधिकरण ने संबंधित हिस्से की बैरिकेडिंग करा दी है और आईआईटी रुड़की तथा सेतु निगम की मदद से इसकी जांच शुरू कराई है।
यह घटना सेक्टर-27 से सेक्टर-60 तक बने करीब 4.8 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड पर हुई। सेक्टर-33 के सामने सेक्टर-18 की ओर जाने वाली सड़क पर गड्ढा मिला। इससे पहले रविवार को इसी स्थान पर सड़क की ऊपरी बिटुमिन परत धंस गई थी। मरम्मत कराने के बाद प्राधिकरण ने वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू कराई थी।
प्राधिकरण के इंजीनियरों के मुताबिक, इस बार गड्ढा करीब आधे वर्ग मीटर क्षेत्र में हुआ है। उनका कहना है कि यदि सड़क की रोड़ी-गिट्टी और बिटुमिन की परत टूटती या धंसती, तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी। सेतु निगम के इंजीनियर भी शुरुआती स्तर पर एलिवेटेड रोड के बीचोंबीच गड्ढा होने का कारण पता नहीं लगा सके। इसके बाद संरचनात्मक और तकनीकी जांच कराने का फैसला लिया गया।
गड्ढे से दो लेन में यातायात प्रभावित, पहले भी धंसी थी सड़क
गड्ढा होने से सेक्टर-61 की ओर से आने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एलिवेटेड रोड की करीब दो लेन में यातायात प्रभावित हुआ। इससे पहले पिछले महीने भी सेक्टर-18 की ओर उतरते समय सड़क धंस गई थी और वहां गहरा गड्ढा बन गया था।
एलिवेटेड रोड पर बार-बार इस तरह की घटनाएं सामने आने के बाद इसके निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब तकनीकी जांच के बाद ही गड्ढा होने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
