जेवर: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली तेज बारिश ने जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए। बारिश के बाद एयरपोर्ट के निकास द्वार के पास स्थित अंडरपास में कई फीट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण फोरकोर्ट और पार्किंग क्षेत्र के बीच यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई और दोनों एस्केलेटर भी बंद हो गए।
फोरकोर्ट और पार्किंग को जोड़ता है अंडरपास
करीब 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक तकनीक के साथ तैयार किए गए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के महज दो महीने के भीतर जलभराव की स्थिति सामने आई है। जिस अंडरपास में पानी भरा, वह फोरकोर्ट को पार्किंग क्षेत्र से जोड़ता है। एयरपोर्ट से बाहर निकलने वाले यात्री इसी मार्ग से पार्किंग की ओर जाते हैं और वहां से अपने गंतव्य के लिए रवाना होते हैं।
बारिश के बाद अंडरपास का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा नजर आया। पानी का स्तर इतना अधिक था कि रास्ता किसी जलाशय जैसा दिखाई देने लगा। इससे यात्रियों और वहां मौजूद अन्य लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
जलभराव का वीडियो आसपास मौजूद लोगों ने बनाया और उसे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद एयरपोर्ट परिसर में बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।
बारिश के पानी के साथ मिट्टी और मलबा भी पहुंचा
अंडरपास में जमा पानी के साथ मिट्टी और मलबा भी बहकर पहुंचा। इससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई। लोगों का कहना है कि कम समय में हुई तेज बारिश में यदि अंडरपास में कई फीट पानी जमा हो गया, तो भारी बारिश की स्थिति में यहां हालात और गंभीर हो सकते हैं।
एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया, 30 मिनट में पानी हटाया
यापल की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि बहुत कम समय में हुई भारी बारिश के कारण टर्मिनल और पार्किंग क्षेत्र को जोड़ने वाले रास्ते पर कुछ समय के लिए पानी जमा हो गया था। एयरपोर्ट की टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 30 मिनट से भी कम समय में पानी हटा दिया।
आधिकारिक बयान के अनुसार, इस स्थिति का उड़ानों के संचालन या एयरपोर्ट के कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और यात्रियों की आवाजाही सुचारू रूप से जारी रही।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार दोपहर करीब एक बजे बारिश के बाद हुए जलभराव के बाद स्थिति शाम करीब पांच बजे तक सामान्य हो सकी।
पहले चरण की लागत: ₹11,282 करोड़
प्रोजेक्ट: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्टकुल अनुमानित लागत (All stages): ₹29,560 करोड़
प्रधानमंत्री मोदी ने इस एयरपोर्ट का 28 मार्च 2026 को उद्घाटन किया था, लेकिन आज ये हालत है👇🏻 pic.twitter.com/8ybCD7ZbMX
— Govind Pratap Singh | GPS (@govindprataps12) August 11, 2026
जलभराव के बाद दोनों एस्केलेटर बंद
अंडरपास से फोरकोर्ट तक यात्रियों की आवाजाही के लिए लगाए गए दोनों एस्केलेटर भी पानी भरने के बाद बंद हो गए। इससे यात्रियों को आने-जाने में परेशानी हुई। आधुनिक सुविधाओं से लैस एयरपोर्ट परिसर के महत्वपूर्ण मार्ग पर जलभराव और एस्केलेटर बंद होने की स्थिति ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।
पहली तेज बारिश में ही जल निकासी व्यवस्था की परीक्षा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस परिसर के तौर पर विकसित किया गया है। ऐसे में पहली तेज बारिश के दौरान ही अंडरपास में कई फीट पानी भरने से जल निकासी व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल उठना शुरू हो गया है। खासकर ऐसे समय में जब यह मार्ग यात्रियों को पार्किंग क्षेत्र से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण रास्ता है।
टर्मिनल के सामने वेटिंग एरिया की छत से भी टपका पानी
बारिश के दौरान टर्मिनल के सामने स्थित वेटिंग एरिया की सफेद विशेष कपड़े से बनी छत से भी पानी टपकता दिखाई दिया। अपनी विशेष बनावट के कारण यह छत दूर से गंगा की लहरों जैसी दिखाई देती है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने का दृश्य भी एयरपोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
