लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भूजल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से ‘भूजल सप्ताह’ का शुभारंभ किया गया। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कार्यक्रम के दौरान लोगों से प्रतिदिन एक लोटा पानी बचाने का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण को हर नागरिक को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा।
लखनऊ के लोहिया पार्क एम्फीथिएटर में आयोजित कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री ने कहा कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है और प्रदेश में सिंचाई, पेयजल तथा अधिकांश उद्योगों की निर्भरता भूजल पर है। उन्होंने कहा कि यदि जल संसाधनों का संरक्षण नहीं किया गया तो विकास और जीवन दोनों प्रभावित होंगे।
‘जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना होगा’
22 जुलाई तक चलने वाले भूजल सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर मंत्री ने इस वर्ष के स्लोगन ‘जल संरक्षण का करें संकल्प- इसका नहीं है कोई विकल्प’ का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘जल संचय जनभागीदारी: कैच द रेन-2026’ अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाए।
उन्होंने लोगों से वर्षा जल की प्रत्येक बूंद बचाने, अनावश्यक भूजल दोहन रोकने, प्रतिदिन एक लोटा पानी बचाने और ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
भूजल संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित
अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव ने कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं की जल संरक्षण के प्रति जागरूकता की सराहना की और भूजल के संतुलित उपयोग का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत जल आर्ट गैलरी के उद्घाटन से हुई। इसके बाद डॉ. श्रेया ने जल-एन्थम प्रस्तुत किया, जबकि नुक्कड़ नाटक और जल गीतों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया गया।
विद्यालयों से उद्योगों तक चलेगा अभियान
भूजल सप्ताह के दौरान विद्यालयों, महाविद्यालयों, सरकारी संस्थानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल पुनर्भरण, चित्रकला, वाद-विवाद और जनसंवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भूगर्भ जल विभाग के निदेशक डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। साथ ही ऑनलाइन भूजल क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को ‘स्कूल ऑफ जलवीर सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
आज होंगे विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद
भूजल सप्ताह के तहत शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक लखनऊ के हरिहरपुर स्थित भूजल भवन (एसजीडब्ल्यूआईसी) में वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, अभियंताओं, चिकित्सकों और अन्य विशेषज्ञों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित होगा। वहीं दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक सरोजनीनगर स्थित करम सेफ्टी इंडस्ट्री में उद्योग प्रतिनिधियों के साथ जल संरक्षण तकनीकों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
