ईरान पर हमले जारी रहेंगे, 52 हजार प्रदर्शनकारियों की मौत का किया दावा; डोनाल्ड ट्रंप के बड़े बयान से बढ़ा तनाव

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमले जारी रहेंगे और उसकी सैन्य क्षमताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि ईरान में अब तक 52 हजार प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष तेज होने की खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि हाल के दिनों में अमेरिका ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर कार्रवाई की है और आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।

ईरान की सैन्य क्षमता को किया कमजोर करने का दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमताओं को लगातार निशाना बना रहा है। उनके अनुसार ईरान के खिलाफ जोरदार हमले किए जा रहे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी उसकी सैन्य क्षमता को भी समाप्त करने की दिशा में कार्रवाई जारी है।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि दोनों पक्षों के बीच हाल ही में एक समझौता हुआ था, लेकिन ईरान ने बाद में उससे पीछे हटने का फैसला किया। उनके मुताबिक अमेरिका इस स्थिति को स्वीकार नहीं करेगा और अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।

52 हजार प्रदर्शनकारियों की मौत का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि ईरान में अब तक 52 हजार प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और यह संख्या इससे अधिक भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपने नागरिकों के साथ बेहद खराब व्यवहार किया है और हालात चिंताजनक हैं। हालांकि ट्रंप के इस दावे की किसी स्वतंत्र या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर दोहराया रुख

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका स्वयं को होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा का जिम्मेदार मानता है। उन्होंने दोहराया कि ईरान के खिलाफ नाकेबंदी लागू की जा रही है और यह केवल ईरान से जुड़े जहाजों और व्यापार पर लागू होगी। उनके अनुसार अन्य देशों के जहाजों के लिए यह समुद्री मार्ग खुला रहेगा।

ईरान की सैन्य ताकत को लेकर किए कई दावे

प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना, वायुसेना, मिसाइल और ड्रोन निर्माण क्षमता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ईरान की अधिकांश सैन्य क्षमताएं कमजोर हो चुकी हैं और उसके शीर्ष सैन्य नेतृत्व को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

परमाणु कार्यक्रम पर भी दिया बयान

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यदि अमेरिका ने पहले कार्रवाई नहीं की होती तो ईरान परमाणु हथियार हासिल कर सकता था। उनके अनुसार अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमता को रोकना और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

 

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