16 साल पहले रिलीज हुई थी ‘राजनीति’, महाभारत से प्रेरित किरदारों ने मचाया था धमाल, सीक्वल आज भी अधूरा

मुंबई: हिंदी सिनेमा में राजनीतिक ड्रामा पर बनी फिल्मों की बात होती है तो ‘राजनीति’ का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। 4 जून 2010 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की थी और देखते ही देखते साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई थी। दमदार कहानी, मजबूत किरदारों और शानदार अभिनय के दम पर फिल्म ने दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई।

प्रकाश झा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर, अजय देवगन, कैटरीना कैफ, नाना पाटेकर, मनोज बाजपेयी और अर्जुन रामपाल जैसे सितारों ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं। रिलीज के बाद फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों दोनों का भरपूर समर्थन मिला।

बॉक्स ऑफिस पर साबित हुई सुपरहिट

करीब 60 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘राजनीति’ ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में शानदार प्रदर्शन किया। फिल्म ने दुनिया भर में 145 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर उस दौर की सबसे सफल फिल्मों में अपनी जगह बनाई थी। इसके गीतों और संवादों को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया।

सत्ता संघर्ष, पारिवारिक टकराव, महत्वाकांक्षा और राजनीतिक दांवपेंच पर आधारित इस फिल्म ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। यही वजह रही कि रिलीज के कई साल बाद भी फिल्म की लोकप्रियता बरकरार है।

महाभारत से प्रेरित थे प्रमुख किरदार

फिल्म की सबसे खास बात इसके पात्रों की संरचना थी। निर्देशक प्रकाश झा ने स्वयं स्वीकार किया था कि ‘राजनीति’ के कई प्रमुख किरदार और कहानी के कई पहलू महाभारत से प्रेरित थे।

फिल्म में रणबीर कपूर का किरदार अर्जुन, अजय देवगन का किरदार कर्ण, नाना पाटेकर का चरित्र श्रीकृष्ण, मनोज बाजपेयी का किरदार दुर्योधन, अर्जुन रामपाल का पात्र भीम और कैटरीना कैफ का चरित्र द्रौपदी से प्रभावित माना गया। इन पात्रों को आधुनिक राजनीतिक परिवेश में ढालकर कहानी को नए अंदाज में पेश किया गया था।

रणबीर कपूर के किरदार को मिली थी खास सराहना

फिल्म में रणबीर कपूर ने ऐसे युवक की भूमिका निभाई थी, जो शुरुआत में राजनीति से दूर रहता है, लेकिन परिस्थितियां और पारिवारिक घटनाक्रम उसे सत्ता के खेल में उतरने के लिए मजबूर कर देते हैं। उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा था।

कई बार लिखी गई सीक्वल की कहानी

फिल्म की सफलता के बाद लंबे समय से इसके सीक्वल को लेकर चर्चा होती रही है। निर्देशक प्रकाश झा ने कुछ वर्ष पहले बताया था कि ‘राजनीति’ के दूसरे भाग की कहानी कई बार लिखी जा चुकी है और इसके कई ड्राफ्ट भी तैयार किए गए हैं।

उन्होंने कहा था कि कहानी पर लगातार काम किया गया, लेकिन अब तक ऐसा संस्करण तैयार नहीं हो पाया जिसे अंतिम रूप देकर फिल्म निर्माण शुरू किया जा सके। उनके अनुसार कई बार कहानी लिखने के बाद उसे रोक दिया गया और फिर नए सिरे से विकसित किया गया।

‘राजधर्म’ रखा गया था नया नाम

प्रकाश झा ने यह भी खुलासा किया था कि प्रस्तावित सीक्वल का नाम ‘राजधर्म – द अल्टीमेट पॉलिटिक्स’ रखा गया है। उन्होंने बताया था कि ‘राजनीति’ शीर्षक के अधिकार उनके पास नहीं थे, इसलिए नए नाम के साथ परियोजना को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई।

हालांकि सीक्वल की घोषणा के वर्षों बाद भी फिल्म अभी तक फ्लोर पर नहीं आ सकी है। ऐसे में दर्शकों को आज भी इस बहुप्रतीक्षित राजनीतिक ड्रामा के अगले अध्याय का इंतजार है।

 

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