पटना: बिहार सरकार की सम्राट कैबिनेट ने बुधवार को जनहित और विकास से जुड़े 13 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य, उद्योग, रोजगार, डेयरी और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनका लाभ राज्य के विभिन्न वर्गों को मिलने की उम्मीद है।
सबसे महत्वपूर्ण निर्णय मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष को लेकर लिया गया। सरकार ने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए इस योजना का लाभ पाने वाले मरीजों की वार्षिक आय सीमा को बढ़ा दिया है। अब ढाई लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के बजाय चार लाख रुपये तक की आय वाले परिवार भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
कैमूर में स्थापित होगी डेयरी परियोजना
कैबिनेट ने कैमूर जिले में लगभग सात एकड़ भूमि पर डेयरी परियोजना स्थापित करने को मंजूरी प्रदान की है। सरकार का मानना है कि इससे दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान पर जोर
राज्य में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए द्विस्तरीय उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के गठन का निर्णय लिया गया है। इसके लिए दो अभियंता और दो विद्युत अधीक्षण अभियंता के नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है।
मधुबनी में 83 करोड़ रुपये का निजी निवेश
मधुबनी जिले के राजनगर क्षेत्र में लीप एग्री लॉजिस्टिक्स परियोजना की स्थापना को भी मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना में 83 करोड़ 25 लाख रुपये का निजी निवेश प्रस्तावित है। सरकार के अनुसार, इससे 109 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
नबीनगर आईटीआई को मिली मंजूरी
औद्योगिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नबीनगर में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। साथ ही पांच विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षण के लिए 38 नए पदों के सृजन का भी निर्णय लिया गया है।
दरभंगा एम्स परियोजना में होगा गाद का उपयोग
कैबिनेट ने दरभंगा एम्स परियोजना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला भी लिया। चयनित भूमि पर मिट्टी भराई और समतलीकरण के लिए आसपास की नदियों की उडाही से निकले गाद का उपयोग किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे परियोजना कार्यों में तेजी आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
विकास परियोजनाओं पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है। हाल के दिनों में सड़क, उद्योग, निवेश और रोजगार से जुड़ी कई योजनाओं को गति देने के लिए विभिन्न स्तरों पर निर्णय लिए गए हैं। सरकार का दावा है कि इन कदमों से राज्य में आधारभूत संरचना मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
