पटना: बिहार की सियासत में सरकारी आवास को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने से स्पष्ट इनकार करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को खुली चुनौती दे दी है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी कीमत पर बंगला खाली नहीं करेंगी, चाहे सरकार फोर्स ही क्यों न भेज दे।
बंगला खाली करने से साफ इनकार, भड़कीं राबड़ी देवी
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मीडिया से बातचीत में तीखे तेवर दिखाते हुए कहा, “नया-नया मुख्यमंत्री बनल हैं ना… फोर्स भेजकर मेरा आवास खाली करवा लें, हम नहीं खाली करेंगे।” उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और पक्ष-विपक्ष के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है।
सरकारी आवास को लेकर जारी है विवाद
जानकारी के अनुसार भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का अंतिम नोटिस भेजा है। सरकार ने यह बंगला पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया है। वहीं राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष के लिए 39 हार्डिंग रोड स्थित नया आवास आवंटित किया गया है, लेकिन उन्होंने वहां शिफ्ट होने से भी इनकार कर दिया है।
लंबे समय से 10 सर्कुलर रोड में रह रहा लालू परिवार
बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार वर्ष 2005 से 10 सर्कुलर रोड स्थित इसी सरकारी आवास में रह रहा है। इसी बंगले में परिवार के कई महत्वपूर्ण पारिवारिक आयोजन भी हुए हैं। अब सरकार द्वारा आवास परिवर्तन के निर्देशों के बाद मामला और अधिक राजनीतिक रंग ले चुका है।
राजद और भाजपा आमने-सामने
इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल ने सरकार पर बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता का कहना है कि नियमों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है और राजनीतिक दबाव में यह कार्रवाई की जा रही है।
वहीं भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा है कि सरकारी आवास किसी की निजी संपत्ति नहीं होता और नियमों के तहत ही कार्रवाई की जा रही है। भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी सरकारी संपत्तियों के उपयोग को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
सियासी पारा चढ़ा, बयानबाजी तेज
इस पूरे विवाद के बीच दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। एक ओर सरकार नियमों के पालन की बात कर रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है।
