लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क और औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी पहल करते हुए प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को हुई स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने को कहा और सीएम कार्यालय में विशेष मॉनिटरिंग सेल गठित करने के निर्देश भी जारी किए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं को “सीएम समीक्षा” में शामिल किया गया है, उनमें किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।
तीन प्रमुख एक्सप्रेसवे पर फोकस, भूमि अधिग्रहण में तेजी के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण जून के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे समेत अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया गया। बैठक में जानकारी दी गई कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 55 प्रतिशत भूमि पहले ही प्राप्त की जा चुकी है।
मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक हब पर भी समीक्षा
बैठक में बताया गया कि मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे का एलाइनमेंट स्वीकृत हो चुका है और भूमि अधिग्रहण की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके अलावा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और ट्रांसपोर्ट हब परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि लॉजिस्टिक हब के लिए 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा प्राप्त हो चुका है, जबकि ट्रांसपोर्ट हब के लिए 200 हेक्टेयर में से 144 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है।
निवेश और औद्योगिक विकास पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई गति देगी। उन्होंने निवेश से जुड़ी परियोजनाओं में अनावश्यक देरी को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
साथ ही औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के भवन निर्माण नियमों को और सरल, पारदर्शी और निवेश अनुकूल बनाने पर भी जोर दिया गया।
जेवर एयरपोर्ट और इलेक्ट्रिक बसों की व्यवस्था तेज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में 500 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक आवागमन के लिए प्राथमिक चरण में 110 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
सीएम योगी ने कहा कि 15 जून से प्रस्तावित उड़ान संचालन से पहले सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह मजबूत होनी चाहिए। इसके साथ ही प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर भी जोर दिया गया।
कृषि निर्यात और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस
बैठक में जेवर एयरपोर्ट के पास प्रस्तावित एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि हब के लिए 50 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से 29 एकड़ भूमि चिन्हित हो चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कृषि और मत्स्य उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए आधुनिक प्रोसेसिंग और निर्यात सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
