
अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी की गई फाइलों ने एक बार फिर जेफरी एपस्टीन के नेटवर्क को सुर्खियों में ला दिया है। दस्तावेज़ों में यह सामने आया कि किस तरह कथित तौर पर युवा महिलाओं को झूठे वादों, वीज़ा व्यवस्थाओं और सामाजिक संपर्कों के जरिए अमेरिका बुलाया जाता था।
आरोपों के मुताबिक, इस नेटवर्क में कई परतें थीं स्टूडेंट वीज़ा का इस्तेमाल। फर्जी विवाह के जरिए नागरिकता। हाई-प्रोफाइल पार्टियों का आयोजन।
हालांकि, इन मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया पहले ही अदालतों में चल चुकी है, लेकिन फाइलों के सार्वजनिक होने से बहस फिर तेज हो गई है।
गिलेन मैक्सवेल कौन हैं?
गिलेन मैक्सवेल, ब्रिटेन के प्रभावशाली मीडिया परिवार से ताल्लुक रखती है। जन्म: 1961, शिक्षा मार्लबोरो कॉलेज, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी बाद में न्यूयॉर्क के हाई-प्रोफाइल सोशल सर्कल का हिस्सा बनीं।
2021 में अमेरिकी अदालत ने उन्हें नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण के लिए तैयार करने के आरोप में दोषी ठहराया। वर्तमान में वह टेक्सास की एक जेल में 20 साल की सजा काट रही हैं।
कैसे जुड़ीं एपस्टीन से?
1990 के दशक की शुरुआत में पिता की मृत्यु के बाद मैक्सवेल की मुलाकात एपस्टीन से हुई। सरकारी पक्ष के अनुसार, दोनों का संबंध पेशेवर और निजी दोनों स्तरों पर गहरा था।
आरोप है कि मैक्सवेल सामाजिक कार्यक्रमों का प्रबंधन करती थीं। कथित पीड़ितों से संपर्क स्थापित करती थीं। नेटवर्क को विस्तार देने में सहयोग करती थीं।

वीज़ा और इमिग्रेशन कनेक्शन
फाइलों में यह भी उल्लेख है कि एपस्टीन के करीबी सर्कल की एक महिला ने अमेरिकी नागरिक से विवाह कर ग्रीन कार्ड प्राप्त किया। कुछ मामलों में इमिग्रेशन प्रक्रिया में वकीलों की मदद ली गई। इन तथ्यों पर अलग-अलग समय पर जांच एजेंसियों ने पूछताछ की है।
2019 के बाद क्या बदला?
2019 में एपस्टीन की जेल में मृत्यु के बाद मामला और रहस्यमय हो गया। इसके बाद फोकस पूरी तरह गिलेन मैक्सवेल पर आ गया। हाल ही में, अमेरिकी संसद की ओवरसाइट कमेटी के सामने मैक्सवेल ने वर्चुअल माध्यम से बयान दिया, लेकिन सवालों के जवाब देने से इनकार किया।
बड़ा सवाल: क्या पूरा सच सामने आएगा?
Epstein केस सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि सत्ता, प्रभाव और जवाबदेही तीनों के बीच की जटिल कहानी है। पीड़ितों को न्याय मिले, यही इस केस की असली कसौटी है।
इस केस ने दुनिया को यह सिखाया है कि Power और Prestige की चमक के पीछे छिपी अंधेरी परतें भी होती हैं। जब नेटवर्क इतना हाई-प्रोफाइल हो, तो सवाल सिर्फ अपराध का नहीं, सिस्टम की पारदर्शिता का भी होता है।
Epstein Files ने एक बार फिर याद दिलाया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं होना चाहिए चाहे उसके पास पैसा हो राजनीतिक संपर्क हों या सामाजिक प्रतिष्ठा। अब निगाहें इस पर हैं कि आगे की जांच किस दिशा में जाती है और क्या पीड़ितों को पूर्ण न्याय मिल पाता है।
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