
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में साफ शब्दों में कहा कि भारत अब रुकने वाला नहीं है। उनका फोकस था – Speed, Scale और Stability।
पीएम ने कहा कि आज देश जिस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, उसकी सबसे बड़ी ताकत है युवा भारत, जो सपनों के साथ-साथ संकल्प और सामर्थ्य भी रखता है।
Vote Bank Politics पर सीधा वार
प्रधानमंत्री ने बिना नाम घुमाए कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि दशकों तक वोटबैंक की राजनीति ने देश की असली क्षमताओं को दबाकर रखा। “ना सोच थी, ना विजन और ना ही इच्छाशक्ति यह वाक्य सदन में सियासी तीर की तरह गूंजा।
यहीं से विपक्षी बेंचों पर बेचैनी बढ़ी और नारेबाजी शुरू हो गई।
Youthful India vs Ageing World
मोदी ने एक दिलचस्प तुलना करते हुए कहा कि जहां दुनिया के कई समृद्ध देश aging population से जूझ रहे हैं, वहीं भारत दिन-ब-दिन युवा होता जा रहा है। उन्होंने इसे 21वीं सदी का Biggest Competitive Advantage बताया।
21वीं सदी का दूसरा क्वार्टर: निर्णायक दौर
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे आज़ादी की लड़ाई में पिछली सदी का दूसरा क्वार्टर निर्णायक था, वैसे ही 21वीं सदी का दूसरा क्वार्टर ‘विकसित भारत’ का गेम-चेंजर साबित होगा।
उनके शब्दों में “अब न रुकना है, न पीछे देखना है।”
Economy Card: High Growth + Low Inflation
पीएम मोदी ने आर्थिक मोर्चे पर सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि आज भारत Major Economies में सबसे तेज़ ग्रोथ दिखा रहा है।
High Growth + Low Inflation को उन्होंने Rare Global Combination बताया।

साथ ही याद दिलाया कि आज़ादी के समय छठी अर्थव्यवस्था रहा भारत, एक दौर में 11वें नंबर तक गिरा, लेकिन अब Top-3 Economy बनने की दहलीज़ पर है।
विपक्ष पर सटायरिक तंज: “बैठकर नारेबाजी कर लें”
सदन में हंगामे के बीच पीएम मोदी का सटायर भी सुर्खियों में रहा। सभापति से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि “खरगे जी की उम्र देखते हुए उन्हें बैठकर नारेबाजी की अनुमति दे दीजिए।”
इसके बाद विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया — लेकिन बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
लोकसभा भाषण टला
गौरतलब है कि इसी दिन पीएम मोदी को लोकसभा में भी बोलना था, लेकिन भारी हंगामे के चलते उनका भाषण कुछ मिनट पहले ही टाल दिया गया।
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