Gold नहीं Gold Flake के रेट ने बिगाड़ दिया Budget! धुआँधार दर्द

शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

गोल्ड के रेट बढ़े तो न्यूज़ चैनल चिल्लाते हैं, शादी वाले माथा पकड़ लेते हैं और आम आदमी कहता है—“ठीक है, अगली पीढ़ी खरीदेगी।”

लेकिन साहेब… Gold Flake के रेट बढ़ गए तो सीधा दिल पर हमला होता है। अब फिक्र को अगर धुएँ में उड़ाया, तो घर का बजट राख हो जाएगा

महंगाई का असली टेस्ट यहीं होता है

सोने का भाव बढ़े—तो चर्चा। पेट्रोल महंगा—तो बहस। लेकिन जब सिगरेट के दाम बढ़ते हैं न, तब आदमी खुद से सवाल करता है “आज टेंशन ज्यादा है या जेब पतली?”

यही वो पल होता है, जब बजट एक्सेल शीट नहीं, ज़िंदगी का एक्सरे बन जाता है।

आजकल लोग कहते हैं “Stress mat lo” लेकिन stress free होने की चीज़ें ही सबसे पहले महंगी हो जाती हैं! हालांकि सच ये भी है कि
टेंशन उड़ाने से नहीं, टेंशन समझदारी से मैनेज करने से जाती है।

Stress कम करना है? ये करें (धुआँ नहीं!)

अगर महंगाई और ज़िंदगी दोनों साथ में भारी लग रहे हैं, तो रोज़ 30 मिनट वॉक या हल्की एक्सरसाइज करें। परिवार के साथ समय बिताइए। म्यूज़िक सुनिए, किताब पढ़िए। दोस्तों से खुलकर बात करिए।

यकीन मानिए, इनका खर्च Zero है और फायदा Long-Term।

तंबाकू उत्पाद प्रयोग न करने की चेतावनी

सिगरेट, गुटखा, तंबाकू ये न तो टेंशन का इलाज हैं, न ही महंगाई से लड़ने का हथियार। ये सिर्फ स्वास्थ्य और बजट—दोनों को नुकसान पहुँचाते हैं।

वैधानिक चेतावनी

तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सिगरेट पीने से कैंसर, हृदय रोग और गंभीर बीमारियाँ होती हैं। तंबाकू न लें, जीवन चुनें।

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