
उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे को लेकर योगी सरकार ने सख्त लाइन खींच दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद अब ‘चीनी पतंग की डोर’ पर पूरी तरह बैन रहेगा। सिर्फ रोक नहीं—अब इससे होने वाली मौत को दुर्घटना नहीं, सीधे हत्या माना जाएगा।
सरकार का संदेश साफ है पतंग आसमान में उड़ सकती है, कानून से ऊपर नहीं।
‘चीनी मांझा’ अब शौक नहीं, कानून का मामला
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया है कि पूरे प्रदेश में राज्यव्यापी छापेमारी हो। Chinese Manjha की बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर कड़ी नजर रखी जाए। मतलब अब त्योहारों की आड़ में खतरनाक धागा नहीं चलेगा।
मौत हुई तो FIR नहीं, Murder Case
इस फैसले का सबसे बड़ा punch यही है अब अगर Chinese Manjha से किसी की जान जाती है, तो मामला हत्या (Murder) की श्रेणी में जाएगा।
यानि, “अनजाने में हो गया”, “मांझा मेरा नहीं था” जैसे तर्क अब कोर्ट में हल्के नहीं पड़ेंगे।

Action Mode में प्रशासन, होगी High-Level Monitoring
UP सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ आदेश नहीं, ground-level action है। अभियान की High-Level Review होगी। लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी। सीधा संदेश कानून कागज़ पर नहीं, सड़क पर दिखेगा।
मांझा वही, नजर अब कानून की
कल तक मांझा उड़ता था… कभी गर्दन कटती थी, कभी बहस होती थी। आज मांझा वही है, मगर कानून और तेज़ है। योगी सरकार का स्टैंड साफ है Chinese Manjha अब शौक नहीं, सीधा अपराध है।
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