
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में WhatsApp दोस्ती का एक मामला ऐसा निकला कि “Hi” से शुरू हुई चैट सीधे 1.92 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. पीड़ित को अंत तक यही लगता रहा कि वह भाविका शेट्टी नाम की महिला से बात कर रहा है, लेकिन पर्दे के पीछे बैठा था इमरान गाजी.
कैसे शुरू हुआ Cyber Scam?
पीड़ित शलभ पांडे ने 2 जून 2025 को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने बताया कि WhatsApp पर एक महिला ने दोस्ती की, बातचीत बढ़ी और फिर शुरू हुआ High Return Investment का सपना. धीरे-धीरे भरोसा बना, और भरोसे के साथ बैंक ट्रांसफर.
नतीजा अलग-अलग खातों में 1.92 करोड़ रुपये ट्रांसफर, रिटर्न आया… सिर्फ सन्नाटा!
शक हुआ, FIR हुई और खुल गई पोल
जब निवेश का पैसा न लौटाया गया, तब पीड़ित को शक हुआ. पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज कर जांच शुरू की. कई डिजिटल ट्रेल्स और बैंक रिकॉर्ड्स खंगालने के बाद पुलिस ने मंगलवार को आरोपी इमरान गाजी को गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में बड़े खुलासे
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाले राज खोले Axis Bank खाता फ्रीज होने के बाद जाली आधार और PAN कार्ड बनवाए साथी शहजाद की मदद से कई बैंक अकाउंट खुलवाए। ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों में घुमाया।
पुलिस के मुताबिक 54 लाख रुपये सीधे आरोपी के खातों से ट्रांसफर, सिर्फ एक महीने में 1.52 करोड़ रुपये का लेनदेन।
Fake ID का फैक्ट्री मॉडल
गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए हैं. पुलिस को शक है कि यह सिर्फ एक आरोपी नहीं बल्कि पूरा साइबर ठग गिरोह है, जिसकी जड़ें कई राज्यों तक फैली हो सकती हैं.

WhatsApp यूज़र्स के लिए चेतावनी
यह केस एक साफ संदेश देता है:
WhatsApp पर प्रोफाइल फोटो देखकर भरोसा करना, आज के डिजिटल दौर में सबसे महंगा पड़ सकता है.
Cyber Experts की सलाह:
- अनजान WhatsApp contacts से निवेश की बात = Red Flag
- High Return = High Risk
- कोई भी पैसा ट्रांसफर करने से पहले verify, verify, verify
जहाँ लोग “Good Morning” से रिश्ते बनाते हैं, वहीं साइबर ठग “Good Investment” से करोड़ उड़ा ले जाते हैं.
