
उत्तर प्रदेश सरकार ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा अप्रैल 2025 को रद्द कर दिया है। यह कदम अभ्यर्थियों के हित और परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया।
यूपी एसटीएफ ने जांच में सॉल्वर गैंग, अवैध धन वसूली और प्रश्नपत्र लीक के ठोस सबूत पाए। इस मामले में अब तक महबूब अली, वैभव पाल और विशाल पाल गिरफ्तार हो चुके हैं।
परीक्षा रद्द होने की वजह
परीक्षा विज्ञापन संख्या 51 के तहत आयोजित हुई थी। STF को धांधली और अवैध धन वसूली की गुप्त जानकारी मिली। पूर्व डीजीपी और UPESCHA अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति में इस बात की पुष्टि की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभ्यर्थियों के उज्जवल भविष्य को देखते हुए परीक्षा रद्द करने का आदेश दिया।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की खैर नहीं
सीएम योगी ने कहा:
“सरकार सभी भर्तियों और चयन प्रक्रियाओं को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की खैर नहीं।”
लखनऊ के विभूतिखंड थाना में FIR दर्ज की गई। गिरफ्तार महबूब अली ने स्वीकार किया कि उसने मॉडरेशन प्रक्रिया के दौरान प्रश्नपत्र निकालकर पैसे लेकर अभ्यर्थियों तक पहुंचाए।
दोबारा परीक्षा का आश्वासन
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों के लिए यह राहत की खबर है कि उनकी मेहनत असली तरीके से न्याय पाएगी।
पेपर लीक vs System
जब सॉल्वर गैंग ने पैसे लिए और प्रश्नपत्र बेच दिए, तो असल में System खुद ही Cheat हो गया।
योगी सरकार ने कहा- “जो cheating करेंगे, उनका future भी cancel!” और यहीं है उत्तर प्रदेश में Hardcore Exam Drama।

