इलाज की जगह तमाचा! IGMC शिमला में डॉक्टर VS मरीज़ का वायरल ड्रामा

शालिनी तिवारी
शालिनी तिवारी

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार इलाज नहीं बल्कि डॉक्टर और मरीज़ के बीच मारपीट को लेकर। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, अर्जुन पंवार नामक मरीज़ IGMC में Endoscopy करवाने के लिए पहुंचे थे। प्रक्रिया के बाद अचानक सांस लेने में तकलीफ़ होने पर वे पास के दूसरे वार्ड में जाकर खाली बेड पर लेट गए

यहीं से कहानी ने करवट बदली।

आरोप: बदतमीज़ी से शुरू होकर हाथापाई तक

मरीज़ का आरोप है कि डॉक्टर ने पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। फिर बहस इतनी बढ़ी कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। वीडियो में डॉक्टर को मरीज़ के साथ हाथ उठाते हुए देखा जा सकता है। अब यही वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।

Viral Video ने बढ़ाया बवाल

वीडियो वायरल होते ही मरीज संगठनों ने विरोध जताया। आम लोगों ने पूछा – “क्या अस्पताल अब Safe Zone नहीं रहे?” सोशल मीडिया पर #DoctorVsPatient ट्रेंड करने लगा।

सटायर यह है कि जहां अस्पताल में BP कंट्रोल होना चाहिए, वहां गुस्सा आउट ऑफ कंट्रोल दिखा।

प्रशासन की चुप्पी या जांच?

अब तक अस्पताल प्रशासन की ओर से आंतरिक जांच की बात। डॉक्टर संघ और मरीज़ पक्ष आमने-सामने। सवाल यह भी कि CCTV और SOP का पालन हुआ या नहीं?

बड़ा सवाल: मरीज़ के अधिकार कहां?

यह घटना सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि सिस्टम को आईना दिखाती है:

  • क्या मरीज़ को इलाज के साथ सम्मान मिलेगा?
  • क्या डॉक्टरों पर गुस्से का कोई मेडिकल प्रोटोकॉल है?
  • या फिर वायरल वीडियो ही अब न्याय का रास्ता हैं?

डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप माने जाते हैं, लेकिन जब भगवान ही हाथ उठा दे, तो भरोसा टूटता है। IGMC का यह मामला सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि पूरे हेल्थ सिस्टम की credibility पर सवाल है।

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