
दिल्ली के करोल बाग में 1.1 किलो सोने की हाई-प्रोफाइल लूट ने राजधानी में हड़कंप मचा दिया था। फर्जी पुलिस और इनकम टैक्स अधिकारी बनकर लुटेरों ने ज्वैलरी वर्कशॉप में फिल्मी स्टाइल में एंट्री मारी और सोना लेकर फरार हो गए।
लेकिन— रियल लाइफ में ‘स्पेशल 26’ चलाना इतना आसान नहीं! दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे में पूरा गैंग पकड़ लिया।
फर्जी रेड: एक पुलिस की वर्दी, चार नकली IT अधिकारी और प्लान ready
27 नवंबर 2025 को पांच लोग वर्कशॉप में दाखिल हुए। एक आरोपी पुलिस यूनिफॉर्म में, चार खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताते हुए।
फर्जी तलाशी, DVR निकालना, कर्मचारियों के मोबाइल छीनना — सबकुछ फिल्म जैसी प्लानिंग।
लूट के बाद गैंग आराम से सोना लेकर फरार हो गया। FIR प्रसाद नगर थाने में दर्ज हुई।
1200 किलोमीटर पीछा + 250 CCTV फुटेज + 9 शहर = एक-एक कर गिरे बदमाश
दिल्ली पुलिस ने 250+ CCTV फुटेज खंगाले। ताबड़तोड़ रेड हुई—दिल्ली, बहादुरगढ़, गुरुग्राम, सोनीपत, हांसी, रोहतक, झज्जर, जिंद, हिसार… लगातार पीछा और दबाव के बाद पहली गिरफ्तारी हुई बहादुरगढ़ से—मुख्य आरोपी संदीप।
उसके बाद राकेश, शमिंदर, लवप्रीत और परविंदर भी फंस गए।
क्या मिला पुलिस को?
435.03 ग्राम सोना
₹3.97 लाख नकद
ब्रेज़ा, अर्बन क्रूजर, स्विफ्ट डिज़ायर
फर्जी पुलिस ID, लैंयार्ड
और हां… फिल्मी डायलॉग लेवल कॉन्फिडेंस

लूटे गए 428 ग्राम सोना बेच भी दिया गया था — उसका पैसा भी पुलिस ने बरामद कर लिया।
‘Special 26’ से लिया आइडिया — रियलिटी में पकड़े गए ‘Special 5’
पूछताछ में निकला कि गैंग के दिमाग में अक्षय कुमार की फिल्म Special 26 घूम रही थी। संदीप खुद को MP सरकार का OSD बताता था।
परविंदर इलाके में बड़े ज्वैलर्स की जानकारी जुटाता था। बाकी सब फर्जी IT और पुलिस बनकर रेड करने में एक्सपर्ट थे — यानी method acting level 100%।
लेकिन फिल्म में हीरो बच जाते हैं…रियल लाइफ में असली पुलिस आ जाती है।
गैंग में कौन-कौन था?
- परविंदर (42) – सरकारी कर्मचारी, असली मास्टरमाइंड
- संदीप (30) – खुद को OSD बताता था, टीम का प्लानर
- लवप्रीत उर्फ काका (30) – नकली IT अधिकारी
- शमिंदर पाल उर्फ सिन्नी (43) – नकली पुलिस सब-इंस्पेक्टर
- राकेश शर्मा (41) – फर्जी IDs और लैंयार्ड सप्लायर
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